Cyber Crime: देश में बीते कुछ सालों में साइबर अपराधों के मामले बढ़े हैं। साइबर अपराधी लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं, लेकिन अब कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें साइबर अपराधी सीधे तौर पर पुलिस के नाम पर ठगी कर रहे हैं और लोगों के खातों से मोटी रकम निकाल ले रहे हैं।
ऐसा ही एक मामला हाल ही में सामने आया है, जिसमें पुलिस के नाम पर जोगाबाई एक्सटेंशन के हेम्योपैथी डॉक्टर दीपांजन देब से साइबर ठगी हुई है। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें एक दिन कॉल आया और कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया था। दीपांजन देब ने इस कॉल को वैध माना, क्योंकि एक दिन पहले ही उनका पर्स चोरी हो गया था। उन्होंने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के लिए कॉल करने वाले व्यक्ति को एक ओटीपी बताया, जिके बाद उनके खाते से 70 हजार रुपये निकाल लिए गए। जैसे ही उन्हें इसका पता चला, उन्होंने अपने एटीएम कार्ड ब्लॉक कराया और मामले की रिपोर्ट कराई।
सर्तकता बचाएगी ठगी से
इसी तरह शक्ति विहार के रहने वाले व्यवसायी जयेश मिश्रा, साइबर फ्रॉड का शिकार होने से बच गए। उन्होंने बताया, मुझे एक दिन रात करीब 10 बजे फोन आया। सामने वाले व्यक्ति ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया। उन्होंने कहा, मैं सोने की तैयारी कर रहा था, तभी फोन करने वाले व्यक्ति ने मुझे बताया कि मेरे भाई का एक्सीडेंट हो गया है और उसे अस्पताल ले जाया गया है। उन्होंने बताया, सामने वाले व्यक्ति ने फोन पर उनसे कहा कि निजी अस्पताल में इलाज के लिए पैसों का भुगतान करना होगा, जिसके बाद डॉक्टर उसका इलाज शुरू करेंगे। उन्होंने कहा, यह सुनकर मैं घबरा गया। उन्होंने बताया, जब उस व्यक्ति ने मुझे मेरे भाई के बारे में बताया, तभी मुझे याद आया कि मेरा भाई कुछ जरूरी काम से पटना गया हुआ है। इसके तुरंत बाद मैंने अपने भाई के नंबर पर फोन किया और उसके हाल-चाल लिए। उन्होंने कहा, इसके बाद मैंने तुरंत उस नंबर को ब्लॉक कर दिया।
दिल्ली पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
इस तरह के मामले समाने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा है कि दिल्ली पुलिस या किसी अन्य प्रवर्तन एजेंसी के साथ संबद्धता का दावा कर साइबर अपराधी आपके साथ्ज्ञ ठगी के कर रहे हैं। ऐसा कोई भी संदिग्ध फोन आने पर हमें सूचित करें। नई दिल्ली के साइबर पुलिस स्टेशन के एसएचओ विजय पाल ने बताया हमें हर दिन कम से कम आठ लोगों के फोन आ रहे हैं, जो शिकायत कर रहे हैं कि दिल्ली पुलिस के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। अधिकांश कॉलों में, शिकायतकर्ताओं ने उल्लेख किया कि उन्हें कॉल करने वाले व्यक्ति ने रोहिणी में पुलिस अधीक्षक होने का दावा किया था। वास्तव में हमने उस पद पर किसी को नियुक्त ही नहीं किया है। इसलिए हम लोगों को ऐसी कॉल्स से सावधान रहने और सुरक्षित रहने की सलाह दे रहे हैं।
