मौनी अमावस्या के दौरान महाकुंभ में मची भगदड़ जैसी घटना को रोकने के लिए यूपी सरकार ने एक बड़ा प्लान तैयार किया है। महाकुंभ में बसंत पंचमी के अमृत स्नान के दौरान ऑपरेशन इलेवन का विशेष प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर यह योजना बनाई गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से वन वे रूट तैयार किया गया है। इसके अलावा पांटून पुलों पर मेले में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न आने पाए, इसका भी विशेष इंतजाम किया गया है। सबसे खास बात ये है कि त्रिवेणी के घाटों पर अत्यधिक दबाव रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाए जा रहे हैं, जहां वरिष्ठ अधिकारी भी टीम के साथ तैनात रहेंगे।
वन वे रूट
यह व्यवस्था ट्रैफिक को नियंत्रित करने में मदद करेगी और श्रद्धालुओं के लिए एक दिशा में सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से मार्ग तय होगा। यह भीड़ नियंत्रण में मददगार साबित होगा और जाम जैसी स्थितियों से बचा जा सकेगा।
हर प्रमुख क्षेत्र पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त
न्यू यमुना ब्रिज पर सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिसमें एक अतिरिक्त राजपत्रित अधिकारी के नेतृत्व में पीएसी की एक कंपनी तैनात की गई है। इसके अलावा, दो मोटर साइकिल दस्ते लगातार गश्त करेंगे। ब्रिज की साइड रेलिंग को भी मजबूती से सुदृढ़ किया गया है, ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके। यह व्यवस्था सुरक्षा को सुनिश्चित करने और किसी भी अप्रत्याशित घटना से निपटने के लिए प्रभावी है।
शास्त्री सेतु पर विशेष निगरानी
झूंसी से संगम की ओर ट्रैफिक नियंत्रित करने के लिए एक कंपनी पीएसी और एक राजपत्रित अधिकारी की विशेष रूप से तैनाती की गई है। साथ ही दो मोटर साइकिल दस्ते सक्रिय गश्त में रहेंगे।
टीकरमाफी मोड़ पर भीड़ प्रबंधन
झूंसी की ओर से टीकरमाफी मोड़ पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए एक राजपत्रित अधिकारी के नेतृत्व में सीएपीएफ की तैनाती की गई है। ट्रैफिक को कटका तिराहा, जिराफ चौराहा, छतनाग मोड़ और समुद्रकूप मोड़ से डायवर्ट किया जाएगा। साथ ही, श्रद्धालुओं के सुगम यातायात को सुनिश्चित करने के लिए सड़क की डिवाइडर को समतल किया गया है, जिससे यात्रा में कोई रुकावट न हो और यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।
फाफामऊ पुल तथा पांटून पुलों पर विशेष इंतजाम
फाफामऊ पुल और पांटून पुलों पर विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। यहां दो मोटरसाइकिल दस्ते लगातार गश्त करेंगे, जिससे ट्रैफिक को नियंत्रित किया जा सके और किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। इसके साथ ही, श्रद्धालुओं की एंट्री और एग्जिट को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पीएसी (प्रादेशिक आर्म्ड कांस्टेबुलरी) तैनात की गई है, ताकि यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से नियंत्रण में रहे।
रेलवे स्टेशन और बस मूवमेंट के विशेष इंतजाम
झूंसी रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। एक राजपत्रित अधिकारी के नेतृत्व में पीएसी की तैनाती की गई है, और एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर मजबूत बैरिकेडिंग की गई है ताकि श्रद्धालुओं का प्रवाह व्यवस्थित और सुरक्षित रहे। साथ ही, रेलवे अधिकारियों से समन्वय करके ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जा रही है, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधा और समुचित आवागमन सुनिश्चित हो सके।
झूंसी एरिया में बस संचालन की विशेष योजना तैयार
अस्थायी बस स्टेशन सरस्वती द्वार से गोरखपुर और वाराणसी के लिए बस संचालन की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा में कोई परेशानी न हो। रात में झूंसी में पर्याप्त संख्या में रिजर्व बसें पार्क की जाएंगी, जिससे यात्रियों को आवश्यकता पड़ने पर बसों की तुरंत उपलब्धता हो सके। इसके अलावा, अन्दावा से सरस्वती द्वार और सहसों के लिए शटल बसें संचालित की जाएंगी, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम और निर्बाध यातायात सेवा मिल सके। यह पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा में कोई असुविधा न हो।
प्रयाग जंक्शन पर विशेष सुरक्षा
प्रयाग जंक्शन की ओर जाने वाली ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए तीन पुलिस उपाधीक्षकों के नेतृत्व में पुलिस बल और दो कंपनी पीएसी तैनात की गई है। आईईआरटी फ्लाईओवर की तरफ से ट्रैफिक को रोकने के लिए युधिष्ठिर चौराहे पर मजबूत बैरिकेडिंग और पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए साइनेज (सूचनात्मक संकेत) की पर्याप्त व्यवस्था की गई है, जिससे यातायात और मार्गों के बारे में श्रद्धालुओं को सही जानकारी मिल सके और वे बिना किसी असुविधा के अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।
जीटी जवाहर और हर्षवर्धन चौराहे पर भीड़ नियंत्रण
मेडिकल कॉलेज चौराहे और बालसन चौराहे पर ट्रैफिक डायवर्जन के लिए राजपत्रित अधिकारियों के नेतृत्व में पर्याप्त पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई है। बालसन से बख्शी बांध होते हुए नागवासुकी क्षेत्र की ओर डायवर्जन किया जाएगा। इसके अलावा, स्टैनली रोड चौराहा से श्रद्धालुओं को लाजपत राय रोड, मंडलायुक्त कार्यालय तिराहा, भारत स्काउट, मजार चौराहा होते हुए, आईईआरटी पार्किंग के पास से मेला क्षेत्र की ओर ले जाया जाएगा। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि श्रद्धालुओं का मार्ग सही दिशा में रहे और किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
अतिरिक्त सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष उपाय
अन्दावा और सहसो चौराहे पर अतिरिक्त पुलिस और यातायात पुलिस की तैनाती की गई है, ताकि ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा को बनाए रखा जा सके। यहां नौ मोटरसाइकिल दस्ते लगातार गश्त करेंगे और निगरानी रखेंगे, जिससे किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा, आपात स्थिति से निपटने के लिए क्रेन की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि किसी भी सड़क दुर्घटना या अवरोध को जल्दी से हटाया जा सके और यातायात को सुचारू रूप से चलाया जा सके।
अतिरिक्त फोर्स का प्रबंध
तृतीय अमृत स्नान पर्व के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दो कंपनी आरएएफ और तीन कंपनी पीएसी का अतिरिक्त प्रबंध किया गया है। संवेदनशील स्थानों पर राजपत्रित अधिकारियों की निगरानी होगी, ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो। इसके अलावा, 56 क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) की तैनाती की गई है, जो आपातकालीन स्थितियों में त्वरित कार्रवाई करेगी। प्रभावी पेट्रोलिंग के लिए 15 मोटरसाइकिल दस्ते तैनात किए गए हैं, जो क्षेत्र में लगातार गश्त करेंगे। प्रमुख चौराहों और डायवर्जन प्वाइंट्स पर सीएपीएफ और पीएसी के बैरियर लगाए जाएंगे, ताकि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे।
महाकुंभ में मची थी भगदड़
बता दें कि महाकुंभ के दौरान मची भगदड़ में सरकारी आंकड़ों के अनुसार 30 लोगों की जान चली गई थी जबकि अन्य 60 घायल हो गए थे। इस घटना के बाद राज्य सरकार ने पहले ही इसकी जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश हर्ष कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन कर दिया है और इसमें पूर्व पुलिस महानिदेशक वीके गुप्ता और सेवानिवृत्त आईएएस डीके सिंह भी शामिल हैं। आयोग ने इसकी जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों के लिए 25-25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की भी घोषणा की है।
