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चौथी लहर की आहट: पांच दिन में 50 हजार मामले और 100 मौतें, देश में कैसे बढ़ रही कोरोना की रफ्तार; यहां जानें सबकुछ

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 17, 2023, 10:43 AM IST

CoronaVirus: देश में बीते पांच दिनों में करीब 50 हजार कोरोना के नए मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं इन पांच दिनों में 100 लोगों की मौत भी हुई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी ये आंकड़े डराने वाले हैं। ऐसे में एक बार फिर से चौथी लहर की चर्चा तेज हो गई है।

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देश में बढ़ रही कोरोना की रफ्तार

Photo : ANI

CoronaVirus: देश में कोरोना संक्रमण ने एक बार फिर से चिंता बढ़ा दी है। तेजी से बढ़ रहे मामलों ने लोगों को डरा दिया है। बीते चार दिनों से लगातार 10 हजार से ज्यादा मामले आ रहे हैं। डराने वाली बात यह है कि देश में कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा भी धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। कोरोना के इन बढ़ते मामलों के बीच चौथी लहर की भी चर्चा तेज हो गई है। कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि जून तक देश में कोरोना के दैनिक मामलों में तेजी से उछाल हो सकता है और प्रतिदिन 50 हजार से ज्यादा मामले सामने आ सकते हैं।

हालांकि, न्यूनतम हॉस्पिटलाइजेशन को देखते हुए कुछ विशेषज्ञ भले ही कोरोना के इस वैरिएंट को गंभीर न मान रहे हों, लेकिन बढ़ते संक्रमण को देखते हुए एहतियात बरतने को जरूर कह रहे हैं। अगर आंकड़ों को देखें तो देश में बीते पांच दिनों में कोरोना के 49943 नए मामले सामने आए हैं, तो इन पांच दिनों में 100 लोगों की कोरोना से मौत भी हुई है।

पांच दिन में कैसे बढ़े कोरोना मामले -

तारीख कोरोना केस मौतें
12 अप्रैल 7830 11
13 अप्रैल 1015815
14 अप्रैल 11,10924
15 अप्रैल10,75327
16 अप्रैल1009323

केरल-महाराष्ट्र और दिल्ली में सबसे ज्यादा खतरा

देश में कोरोना की रफ्तार काफी तेजी से बढ़ रही है। आलम यह है कि केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों में सबसे ज्यादा संक्रमित हैं। अगर आंकड़ों की बात करें तो करेल में 19 हजार से ज्यादा एक्टिव मामले हैं। इसके बाद महाराष्ट्र में छह हजार से ज्यादा कोरोना के सक्रिय केस हैं। वहीं दिल्ली में चार हजार से ज्यादा मामले हैं।

आगे देखें टॉप 10 एक्टिव केस वाले राज्य -

राज्य सक्रिय केस
केरल19481
महाराष्ट्र6047
दिल्ली4631
हरियाणा3738
उत्तर प्रदेश 3059
तमिलनाडु3048
गुजरात2249
हिमाचल प्रदेश 2074
राजस्थान2058
कर्नाटक 1966

यहां मास्क पहनना हुआ अनिवार्य -

  • हरियाणा
  • केरल
  • मुंबई
  • पुडेचेरी
  • नोएडा

देश में आज नौ हजार से ज्यादा मामले

देश में कोरोना संक्रमण के आज (सोमवार) को 9111 मामले दर्ज किए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, अब देश में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 60313 पहुंच गई है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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