कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज संसद में कांग्रेस के संसदीय दल की बैठक को संबोधित किया। बैठक में लोकसभा और राज्यसभा के कांग्रेस के सांसदों के साथ पहली बार कांग्रेस के नए अध्यक्ष मकार्जुन खरगे भी शामिल हुए। बैठक में संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी ने कहा यह बैठक ऐसे वक्त में हो रहा है जब देश आंतरिक और बाहरी चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा की महंगाई बेरोजगारी और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण देश की सामाजिक ताने-बाने को और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। सीमा पर पड़ोसी मुल्क घुसपैठ की लगातार कोशिश कर रहा है। देश की मुख्य विपक्षी पार्टी होने की वजह से ऐसे वक्त में हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
सोनिया गांधी ने आज के भाषण में मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार के द्वारा ऑल इज वेल के नारे के बावजूद अर्थव्यवस्था लगातार गिरती जा रही है। रोजमर्रा की जरूरी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं जो सीधे तौर पर करोड़ों लोगों को प्रभावित कर रहा है। लाखों लोगों की नौकरियां छीन रही है और युवा वर्ग हताश है। नोटबदी और जीएसटी की गलत नीतियों की वजह से लघु उद्योग सबसे ज्यादा लोगों को नौकरियां मिलती थी बंद होते जा रहे हैं। प्रधानमंत्री चंद हजार लोगों को नौकरी बांट कर वाहवाही लूट रहे हैं।
सोनिया गांधी ने चीनी घुसपैठ का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार सच्चाई छुपाना चाहती है। देश की सभी राजनीतिक दल देश की सेना के साथ है। संसद में सरकार इस पर चर्चा नहीं होने देना चाहती। जबकि विपक्ष चहता है देश के लोगों को पता चले की सच्चाई क्या है? उन्होंने कहा कि देश की परंपरा रही है कि जब भी देश पर संकट आता है संसद को विश्वास में लिया जाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि चीन की अतिक्रमण की नीति को देखते हुए मोदी सरकार चीन के साथ व्यापारिक संबंधों पर कोई सैंक्शन क्यों नहीं लगाती है? जबकि आज भी हम चीन से एक्सपोर्ट की बजाय इंपोर्ट ज्यादा करते हैं।
सोनिया गांधी ने अपने भाषण में मोदी सरकार द्वारा न्यायपालिका पर प्रहार को भी बड़ा गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा की सुनियोजित तरीके से न्यायपालिका पर आज हमला किया जा रहा है। लोगों की नजर में सलाह की बजाय उनकी कानूनी समझ को संदेह के दायरे में लाया जा रहा है। गांधी ने अपने भाषण के अंत में हिमाचल की जीत की बधाई दी और कहा की अब लोगों से किए वादे को पूरा करने का समय है। उन्होंने गुजरात और एमसीडी चुनाव में हार पर चिंता भी जताई। सोनिया गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा को गर्व का विषय बताते हुए राहुल गांधी को इसकी सफलता के लिए बधाई दी। उन्होंने दक्षिण से उत्तर तक की यात्रा में लोगों के सुख दुख और उम्मीदों को समझने का मौका मिला है।
