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Exclusive: कांग्रेस का काम केवल घोषणा करना, योजनाओं को लागू करना उनकी क्षमता नहीं....Times Now Navbharat पर बोलीं वित्तमंत्री सीतारमण

Nirmala Sitharaman Exclusive Interview: टाइम्स नाउ नवभारत के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, कांग्रेस पार्टी केवल घोषणा करना जानती है। योजनाओं को जमीन पर लागू करने की उनकी क्षमता नहीं है। उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी मनरेगा और आधार की बात करती है और कहती है कि ये उनकी योजनाएं हैं। लेकिन कैग की रिपोर्ट को देखिए, मनरेगा में कितने घोटाले और घपलेबाजी हुई।

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Nirmala Sitharaman Exclusive Interview

Nirmala Sitharaman Exclusive Interview: मोदी सरकार 3.0 का पहला आम बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टाइम्स नाउ नवभारत से एक्सक्लूसिव बातचीत की। टाइम्स नाउ की ग्रुप एडिटर-इन-चीफ नाविका कुमार को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला बोला। कांग्रेस पार्टी के कट-कॉपी पेस्ट, कुर्सी बचाओ बजट के आरोप पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को एक जिम्मेदार विपक्ष की तरह व्यवहार करना चाहिए। मैं समझती हूं सरकार चुनने के समय विपक्ष का भी चुनाव होता है। जनता ने उन्हें विपक्ष के रूप में चुना है।

कांग्रेस के घोषणा पत्र को बजट में कप-कॉपी पेस्ट करने के आरोप पर सीतारमण ने जवाबी हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी केवल घोषणा करना जानती है। योजनाओं को जमीन पर लागू करने की उनकी क्षमता नहीं है। उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी मनरेगा और आधार की बात करती है और कहती है कि ये उनकी योजनाएं हैं। लेकिन कैग की रिपोर्ट को देखिए, मनरेगा में कितने घोटाले और घपलेबाजी हुई। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से पीएम मोदी ने मनरेगा योजना को सही तरह से जमीन पर उतारा।

तेलंगाना और हिमाचल के बहाने दी कांग्रेस को चुनौती

सीतारमण ने कहा, कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के समय में कांग्रेस ने मुफ्त वाली घोषणाएं (फ्री बीज) कर दीं। बाद में सीएम के एडवाइजर बोलते हैं कि योजनाओं को लागू करने के लिए हमारे पास पैसा नहीं है और अगर आप इन योजनाओं को लागू करना चाहते हैं तो हमारे पास विकास योजनाओं का पैसा नहीं होगा। वित्तमंत्री ने कहा, कांग्रेस पार्टी अपने मेनिफेस्टो की बात करती है, लेकिन तेलंगाना और हिमाचल जैसे राज्यों में उनकी सरकार है। वहां योजनाएं लागू करके दिखाए।

विकसित भारत को रास्ता दिखाने वाला बजट

एनडीए सहयोगियों को राहत देने वाले बजट के आरोप पर सीतारमण ने खुलकर बात की। उन्होंने कहा, संसद में हमारे जो भी नंबर्स हों, लेकिन जब बजट बनता है तो देश के लिए बनता है। यह हमारी जिम्मेदारी होती है फिर संख्याबल चाहें 240 हो या 303। उन्होंने कहा, बजट में जो विजन दिए गए उन्हें जोड़कर आगे ले जाना हमारा काम है। यह बजट विकसित भारत मिशन को रास्ता दिखाने वाला बजट है।

गैर जिम्मेदार विपक्ष की तरह व्यवहार कर रही कांग्रेस

सीतारमण ने कहा, कांग्रेस एक जिम्मेदाराना पार्टी है। सरकार चुनने के समय विपक्ष का भी चुनाव होता है। वे 50 से 99 तक पहुंचे, लेकिन 100 का आंकड़ा पार नहीं हुआ। आपको जिम्मेदार विपक्ष बनाने के लिए जनता ने वोट देकर भेजा है। इसलिए एक जिम्मेदार विपक्ष कैसा हो, इस पर भी सोचना आवश्यक है। लेकिन कांग्रेस पार्टी गैर जिम्मेदार विपक्ष की तरह व्यवहार कर रही है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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