लोकसभा में शुक्रवार को कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी पहली बार बोलने के लिए उठीं। संविधान दिवस पर बहस में लोकसभा पर बात करते हुए प्रियंका गांधी ने देश में घटी कई घटनाओं को जिक्र किया। संभल कांड से लेकर अरुण वाल्मिकी तक की घटना तक पर प्रियंका गांधी सरकार को घेरते दिखी, इस दौरान उन्होंने सत्ता पक्ष को झिड़क भी दिया। अपने पहले ही भाषण में प्रियंका गांधी ने संसद के अंदर अपना तल्ख तेवर दिखा कर भी सरकार को घेरा। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू पर बीजेपी की ओर से लगाए गए आरोपों पर भी प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार को घेरा।
पंडित नेहरू पर क्या बोलीं प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी ने पंडित नेहरू पर हमला करने के लिए भी मोदी सरकार को घेरा। कांग्रेस सांसद ने कहा- "सत्तापक्ष के साथी अतीत की बातें करते हैं। नेहरू जी ने क्या किया, वर्तमान की बात करिए, देश को बताइए, आपकी जिम्मेदारी क्या है, सारी जिम्मेदारी जवाहर लाल नेहरू की है? ये सरकार आर्थिक न्याय का सुरक्षा कवच तोड़ रही है। कृषि के कानून भी बड़े-बड़े उद्योगपतियों के लिए बन रहे हैं। वायनाड से लेकर ललितपुर तक देश का किसान रो रहा है। भगवान भरोसे है, इस देश का किसान। हिमाचल में जो सेब उगता था, उसके छोटे-छोटे किसान रो रहे हैं, क्योंकि एक व्यक्ति के लिए सबकुछ बदल रहा है।"
संभल की घटना का किया जिक्र
भारत के संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ पर चर्चा के दौरान लोकसभा में बोलते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा- "संभल के शोक संतप्त परिवारों के कुछ लोग हमसे मिलने आए थे। उनमें दो बच्चे भी थे- अदनान और उज़ैर, उनमें से एक मेरे बेटे की उम्र का था और दूसरा छोटा था, उनके पिता एक दर्जी थे, दर्जी का एक ही सपना था - वह अपने बच्चों को पढ़ाएगा, एक बेटा डॉक्टर बनेगा अन्य भी करेंगे सफल हो...पुलिस ने उनके पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। 17 वर्षीय अदनान ने मुझसे कहा कि वह बड़ा होकर डॉक्टर बनेगा और अपने पिता के सपने को साकार करेगा। यह सपना और आशा उसके दिल में भारत के संविधान द्वारा पैदा की गई थी ..."
