Rajnath Singh Speech in Parliament: संसद के शीतकालीन सत्र में संविधान पर चर्चा के दौरान राजनाथ सिंह ने इशारों में कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने किसी पार्टी का नाम न लेते हुए कहा कि एक पार्टी ने संविधान निर्माण की प्रक्रिया को हाईजैक करने की कोशिश की। हमारा संविधान किसी एक पार्टी की देन नहीं है, बल्कि भारत के लोगों के द्वारा भारत के लोगों के अनुरूप बनाया गया दस्तावेज है।
उन्होंने कहा, हमारा संविधान केवल कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि जन आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है, उन्हें पूरा करने का माध्यम है। उन्होंने कहा, संविधान को अंगीकार करने का दिन वह दिन था, जब भारत के लोग प्रजा से नागरिक बने थे। ऐसे नागरिक जो सरकारों को चुन और बदल सकते थे। एक लाइन में कहना हो तो हमारा संविधान हमारा संविधान सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक जीवन के सभी पहलुओं को छूते हुए राष्ट्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त करता है।
हमारे यहां राजा भी राजधर्म से बंधा हुआ है- राजनाथ
संसद में राजनाथ सिंह ने कहा, पश्चिमी सभ्यता में नाइट वॉचमैन स्टेट का कॉन्सेप्ट है, जिसका अर्थ है कि सरकार का दायित्व लोगों को सुरक्षा प्रदान करने तक ही सीमित रहे। हमारे देश में राजधर्म की बात कही गई है, इसलिए हमारे यहां राजा भी राजधर्म से बंधा हुआ है। उसकी शक्तियां लोगों के कल्याण के लिए है। हमारा संविधान प्रगतिशील, समावेशी, परिवर्तनकारी है। हमारे संविधान ने एक ऐसे समाज के निर्माण का ब्लूप्रिंट दिया है, जिसमें समरसता और समृद्धि हो।
'सबका साथ- सबका विकास' की भावना से काम कर रही मोदी सरकार
राजनाथ सिंह ने आगे कहा, हमारे संविधान में देश के शीर्ष पद को प्राप्त करने के लिए जन्म की पहचान मायने नहीं रखती है। हमारा संविधान सुनिश्चित करता है कि एक गरीब परिवार में जन्मा व्यक्ति प्रधानमंत्री बन सके, राष्ट्रपति बन सके। हालांकि, संविधान की मूल भावना को आजादी के बाद ही ताक पर रख दिया गया था। उन्होंने कहा, हमारी सरकार ने इस सच्चे मन से स्वीकार किया है। हमारी सरकार संविधान की मूल भावना को केंद्र में रखकर आगे बढ़ रही है। मुझे गौरव की अनुभूति है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना से काम कर रही है।
