मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द किए जाने के मामले ने राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में चुनाव आयोग से मुलाकात कर निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की। यही नहीं अब कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का भी रुख कर लिया है। कांग्रेस की तरफ से उनकी वकील आज यानी गुरुवार 11 जून को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की जल्द सुनवाई की मांग करके हुए मेंशनिंग करेंगे।
कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने आरोप लगाया कि रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज करने का फैसला जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act) की भावना के विपरीत है। उनका कहना है कि जिस मामले का हवाला देकर नामांकन रद्द किया गया, वह अभी संज्ञान (Cognisance) के चरण तक भी नहीं पहुंचा था, ऐसे में उसका खुलासा अनिवार्य नहीं था।
कांग्रेस ने बताया साजिश
कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटें निर्विरोध जीतना चाहती थी। पार्टी का कहना है कि नामांकन रद्द करने का उद्देश्य विपक्षी उम्मीदवार को चुनावी मैदान से बाहर करना था।
मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि उन्हें देश की संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कानूनी और लोकतांत्रिक दोनों स्तरों पर अपनी लड़ाई जारी रखेगी और न्याय मिलने की उम्मीद बनाए हुए है।
'कृत्रिम बहुमत पाने की कोशिश'
वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इस फैसले को 'असंवैधानिक और अवैध' बताते हुए रिटर्निंग ऑफिसर पर पक्षपात का आरोप लगाया है। वहीं कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताते हुए कहा कि यह संसद में 'कृत्रिम बहुमत' सुनिश्चित करने की कोशिश है।
नियमों के तहत हुआ नामांकन रद्द - संबित पात्रा
दूसरी तरफ भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज कर दिया है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि नटराजन के खिलाफ तेलंगाना की अदालत में एक मामला लंबित था, जिसका खुलासा नामांकन पत्र में नहीं किया गया। भाजपा का दावा है कि चुनावी नियमों के तहत उम्मीदवार के लिए लंबित मामलों की जानकारी देना आवश्यक है।
विक्टिम कार्ड खेल रही कांग्रेस - पूनावाला
मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी कांग्रेस पर तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस आत्ममंथन करने के बजाय 'विक्टिम कार्डन खेल रही है।
इस बीच, मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद भाजपा के उम्मीदवार तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट के राज्यसभा पहुंचने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। अब सभी की नजर चुनाव आयोग के अगले कदम और संभावित सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं।
