मोदी सरकार ने बुलडोजर चलाकर मनरेगा को खत्म किया- कांग्रेस ने बापू की पुण्यतिथि पर मार्च निकाल जताया विरोध
- Edited by: शिशुपाल कुमार
- Updated Jan 30, 2026, 03:53 PM IST
संसद के बीते शीतकालीन सत्र में मनरेगा के स्थान पर ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक’ पारित किया गया था, जो अब कानून बन चुका है। इसी को लेकर कांग्रेस ने आज केंद्र सरकार के खिलाफ 'मनरेगा बचाओ संग्राम' नाम से यात्रा निकाली।
कांग्रेस का मनरेगा बचाओ संग्राम
कांग्रेस ने शुक्रवार को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर 'मनरेगा बचाओं संग्राम' मार्च निकाला। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हाथों में बैनर-पोस्टर लिए निकले और सरकार के खिलाफ मार्च निकाला। दिल्ली से लेकर हिमाचल प्रदेश तक में कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ विरोध का बिगुल फूंका। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने ‘‘बुलडोजर चलाकर’’ मनरेगा को खत्म किया।
बीच रास्ते पुलिस ने रोका
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर, पार्टी के ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत कांग्रेस के पुराने मुख्यालय ‘24 अकबर रोड’ से यह यात्रा निकाली, हालांकि पुलिस ने कुछ दूरी पर उन्हें रोक दिया। इसमें कांग्रेस महासचिच जयराम रमेश, पार्टी के कोषाध्यक्ष अजय माकन, कांग्रेस के दिल्ली प्रभारी काजी मोहम्मद निजामुद्दीन, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव और कई अन्य नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। इस मौके पर रमेश ने कहा, ‘‘मोदी सरकार ने बुलडोजर चलाकर मनरेगा अधिनियम को रद्द कर दिया। मनरेगा ऐतिहासिक और क्रांतिकारी अधिनियम था जो सितंबर 2005 को सर्वसम्मति से पारित हुआ था।’’
कांग्रेस ने क्या कहा
कांग्रेस ने इस मार्च को लेकर अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- "मनरेगा योजना ने ग्रामीण भारत में रोजगार की गारंटी दी थी, गरीबों को आर्थिक मजबूती देकर उन्हें आगे बढ़ाने का काम किया था। लेकिन... मोदी सरकार मनरेगा को खत्म करने की साजिश रच रही है, इससे महात्मा गांधी जी का नाम हटाकर, उनका अपमान करने की हिमाकत कर रही है। नरेंद्र मोदी गरीबों को रोजगार का कानूनी अधिकार देने वाली इस ऐतिहासिक योजना को मिटा देना चाहते हैं.. गरीबों का आत्मसम्मान छीन लेना चाहते हैं। कांग्रेस ऐसा कभी नहीं होने देगी- हम मनरेगा के लिए सड़क से संसद तक आवाज बुलंद करेंगे।
क्या बोले जयराम रमेश
उन्होंने कहा कि मनरेगा कानून संवैधानिक हक था, लोगों के पास रोजगार की कानूनी गारंटी थी और इस कानून से पंचायतें मजबूत हुईं। रमेश ने दावा किया कि कानून रद्द कर दिया गया, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नहीं चाहते हैं कि महात्मा गांधी के नाम से जुड़ा कानून ज्यादा समय तक चले और लोगों को उनका हक मिले। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, ‘‘हम मोदी सरकार द्वारा मनरेगा के खिलाफ उठाए गए इस कदम का डटकर मुकाबला कर रहे हैं। जो सरकार देश के किसानों, मजदूरों और युवाओं का अपमान करे, वह सत्ता में ज्यादा दिनों तक नहीं रह सकती।’’
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।