कांग्रेस के पूर्व नेता शकील अहमद को मणिकम टैगोर ने गद्दार और जयचंद कहते हुए बड़ा हमला किया है। दरअसल शकील अहमद ने कुछ दिनों पहले कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था और आजकल राहुल गांधी की जमकर आलोचना कर रहे हैं। कभी राहुल गांधी को तानाशाह बता रहे हैं तो कभी प्रियंका गांधी का नाम लेकर निशाना साध रहे हैं। इस आरोपों के बाद अब शकील अहमद पर कांग्रेस की ओर से भी निशाना साधा जाने लगा है।
शकील अहमद और राशिद अल्वी को घेरा
कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद मणिकम टैगोर ने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की आलोचना करने वाले नेताओं को विश्वासघाती बताया है। कांग्रेस सांसद का यह बयान पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी को भारतीय राजनीति का सबसे डरपोक और असुरक्षित नेता करार दिया था। मणिकम टैगोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि मुझे आश्चर्य नहीं हुआ। बस एक बार फिर दुख हुआ है कि जब साहस सबसे कठिन राह पर चलता है, तो विश्वासघात कैसे खुलकर सामने आता है। ऐसे समय में जब कांग्रेस को एकता की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब विश्वासघातियों की जमात में शामिल होने वाले शकील अहमद और पूर्व बसपा नेता राशिद अल्वी जैसे लोगों ने उसी नेता पर हमला करना चुना है, जिसने नफरत को हराने और प्रेम फैलाने के लिए 4,000 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय किया और भारत को न्याय और सम्मान से जोड़ने के लिए भारत जोड़ो न्याय यात्रा के जरिए 6,000 किलोमीटर की दूरी तय की।
नए आकाओं को कर रहे खुश- टैगोर
उन्होंने कहा कि स्पष्ट रूप से कहें तो ये हमले विचारधारा या चिंता के बारे में नहीं हैं। ये टीवी पर दिखने, प्रासंगिक बने रहने और नए आकाओं को खुश करने के लिए हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है, लेकिन ये विश्वासघातियों का एक नया समूह है। इनमें से कुछ मोदी सरकार में मंत्री हैं, कुछ सांसद हैं, एक तो वर्तमान मुख्यमंत्री भी हैं, और कई बेरोजगार हैं, जो दल बदलकर आए हैं। जयचंदों के 2026 बैच में आपका स्वागत है।
राहुल ने इंडिया अलायंस की सीटों को बढ़ाया
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता सच्चाई जानती है। जब सभी का दावा था कि मंदिर निर्माण के बाद इंडिया अलायंस कभी 150 का आंकड़ा पार नहीं कर पाएगा, तो उसी नेता ने उस मुहिम का नेतृत्व किया, जिसने इंडिया अलायंस को सत्ता से मात्र 32 सांसद कम पर ला खड़ा किया, एक ऐसा परिणाम जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। और आज उसी नेता का उपहास उड़ाया जा रहा है।
