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हरियाणा- जम्मू कश्मीर के चुनावी नतीजों के बीच कांग्रेस आलाकमान हुआ एक्टिव, AICC मुख्यालय पर बुलाई बैठक

Jammu Kashmir and Haryana Election Results: अभी तक आए रुझानों में हरियाणा में कांग्रेस पार्टी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। वहीं जम्मू-कश्मीर के रुझान टेंशन बढ़ाने वाले हैं। यहां भाजपा अच्छा प्रदर्शन करती नजर आ रही है। रुझानों में नेशनल कांफ्रेंस व कांग्रेस गठबंधन और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर देखी जा रही है।

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कांग्रेस ने बुलाई बैठक

Photo : Twitter

Jammu Kashmir and Haryana Election Results: हरियाणा व जम्मू कश्मीर के चुनावी नतीजों ने के बीच कांग्रेस आलाकमान एक्टिव हो गया है। खबर है कि दिल्ली स्थित AICC मुख्यालय पर अहम बैठक बुलाई गई है। सूत्रों का कहना है कि यह बैठक खासतौर पर हरियाणा चुनावी नतीजों को लेकर बुलाई कई है। हरियाणा के ऑब्ज़र्वर अजय माकन और प्रताप सिंह बाजवा दोपहर 11 बजे कांग्रेस मुख्यालय पहुंचेंगे। इस दौरान जम्मू कश्मीर चुनाव को लेकर भी चर्चा हो सकती है।

बता दें, सुबह 8 बजते ही हरियाणा और जम्मू कश्मीर में हुए विधानसभा चुनाव की मतगणना शुरू हो गई। बीते दिनों सामने आए एग्जिट पोल में हरियाणा में कांग्रेस सरकार बनने का अनुमान लगाया गया था। अभी तक आए रुझानों में पार्टी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। वहीं जम्मू-कश्मीर के रुझान टेंशन बढ़ाने वाले हैं। यहां भाजपा अच्छा प्रदर्शन करती नजर आ रही है। रुझानों में नेशनल कांफ्रेंस व कांग्रेस गठबंधन और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर देखी जा रही है।

सीएम चेहरे पर हो सकती है चर्चा

सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस मुख्यालय पर बुलाई गई बैठक में हरियाणा सीएम फेस को लेकर चर्चा होने की ज्यादा संभावना है। दरअसल, चुनावी नतीजों के बाद कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सिर फुटौव्वल से बचना चाहती है। ऐसे में दोनों पर्यवेक्षकों को आलाकमान ने तलब किया है। बता दें, हरियाणा कांग्रेस में सीएम पद के दावेदारों में बड़े-बड़े नाम शामिल हैं। इसमें कुमारी शैलजा, भूपिंदर सिंह हुड्डा जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा रणदीप सुरजेवाला का नाम भी मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में चल रहा है।

कांग्रेस मुख्यालय पर बांटी गई जलेबी

हरियाणा में कांग्रेस 10 साल से सत्ता से बाहर है। इस बार के विधानसभा चुनाव से पार्टी को काफी उम्मीद है। शुरुआती रझान कांग्रेस के ही पक्ष में हैं। इसके अलावा बीते दिनों एग्जिट पोल में भी कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिलने का दावा किया गया था। ऐसे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। रुझानों के बीच कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली स्थिति AICC मुख्यालय पर इकट्ठा होना शुरू हो गए हैं और आपस में जलेबी और लड्डू बांटे गए हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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