Congress Attacks BJP: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की कोशिश कर रही है और उसका अंतिम उद्देश्य संविधान में संशोधन कर आरक्षण व्यवस्था को खत्म करना है। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण का मुद्दा भी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। उनके मुताबिक, सरकार महिला आरक्षण को आधार बनाकर परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहती है।
उन्होंने कांग्रेस छोड़कर जाने वाले युवा नेताओं पर भी टिप्पणी की। रमेश ने साफ कहा कि जो नेता पार्टी छोड़ चुके हैं, उन्हें वापस नहीं लिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि पार्टी के भीतर प्रतिबद्धता और विचारधारा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
कॉकरोच जनता पार्टी पर क्या बोले जयराम रमेश?
इंटरव्यू के दौरान उन्होंने युवाओं के बीच बढ़ती राजनीतिक नाराजगी का भी जिक्र किया और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ जैसी अभिव्यक्तियों को युवा वर्ग की निराशा और असंतोष का प्रतीक बताया। शिक्षा क्षेत्र को लेकर भी कांग्रेस नेता ने चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में शिक्षा का लगातार निजीकरण किया जा रहा है, जिससे समान अवसरों पर असर पड़ सकता है।
'कांग्रेस में अलग-अलग विचार रखने की स्वतंत्रता'
वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक पहल की सराहना किए जाने के सवाल पर जयराम रमेश ने पार्टी के भीतर लोकतांत्रिक माहौल का बचाव किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अलग-अलग विचार रखने की स्वतंत्रता है और यही पार्टी की लोकतांत्रिक परंपरा की पहचान है।
‘मोदीनॉमिक्स’ का मतलब अमेरिका का तुष्टीकरण और चीन के समक्ष समर्पण : कांग्रेस
वहीं, कांग्रेस ने बुधवार को केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि ‘Modinomics’ दरअसल अमेरिका को खुश करने और चीन के सामने झुकने का मिश्रण बन चुकी है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने भारत-अमेरिका और भारत-चीन व्यापार आंकड़ों का हवाला देते हुए मोदी सरकार को निशाने पर लिया। जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में अमेरिका के साथ भारत का वस्तु व्यापार अधिशेष (Trade Surplus) घटकर 34.4 अरब डॉलर रह गया, जो 2024-25 में 40.1 अरब डॉलर था।
वहीं, चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 112.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 99.2 अरब डॉलर था। रमेश ने इसी आधार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “Modinomics = Appeasement of USA + Capitulation to China”। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में चीन को भारत का निर्यात 36.66 प्रतिशत बढ़कर 19.47 अरब डॉलर पहुंच गया, जबकि चीन से आयात 16 प्रतिशत बढ़कर 131.63 अरब डॉलर हो गया। इसके चलते भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
