Abhijeet Dipke: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रविवार को कहा कि अगर धर्मेंद्र प्रधान शनिवार तक इस्तीफा नहीं देते हैं, तो पार्टी देश भर के विभिन्न राज्यों और शहरों में विरोध प्रदर्शन करेगी। दीपके ने रविवार रात एक पोस्ट के जरिए यह घोषणा की। कॉकरोच जनता पार्टी ने इससे पहले 6 जून को राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। उन्होंने देश में कथित पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी।
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प्रधान 13 जून तक इस्तीफा नहीं देते हैं तो बड़ा आंदोलन
अपने वीडियो में अभिजीत ने कहा, मैंने पहले कहा था कि अगर धर्मेंद्र प्रधान शनिवार (13 जून, 2026) तक इस्तीफा नहीं देते हैं, तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए, अगर प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं, तो मैं व्यक्तिगत रूप से विभिन्न शहरों और राज्यों में जाकर उनके इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करूंगा।
उन्होंने नई दिल्ली में आंदोलन करने की आगे की रणनीति की भी घोषणा की। अभिजीत ने कहा, राज्य में विरोध प्रदर्शन के बाद भी धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे; हमारे पास फिर से आंदोलन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। तब देश के विभिन्न कोनों से छात्र नई दिल्ली में इकट्ठा होकर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करेंगे। उन्होंने आगे कहा, जब तक प्रधान इस्तीफा नहीं देते, हम नहीं रुकेंगे। उन्हें एक करोड़ से अधिक छात्रों के भविष्य को बर्बाद करने की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने रविवार 7 जून को एक प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि वे अभी 1-2 दिन के लिए घर आए हैं और आगे का फैसला बाद में लेंगे। वे शुरू से मांग कर रहे हैं कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। उनका कहना है कि अगर शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय नहीं होती, तो यह प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी है। अगर वे रूस और यूक्रेन का युद्ध रुकवा सकते हैं, तो पेपर लीक क्यों नहीं रोक सकते?
राजनीतिक दलों और सरकार से कोई उम्मीद नहीं
सुप्रीम कोर्ट में 'कॉकरोच' शब्द का इस्तेमाल होने के बाद देश के युवाओं ने खुद को इससे जोड़कर आंदोलन को भारी समर्थन दिया। अभिजीत का कहना है कि वे आगे चलकर शहरी, ग्रामीण, किसान और मजदूर, हर वर्ग के युवाओं के मुद्दों को उठाएंगे। युवाओं को अब मौजूदा राजनीतिक दलों और सरकार से कोई उम्मीद नहीं बची है। वे उन सभी लोगों से संवाद करेंगे जिन्होंने उनकी सदस्यता ली है और उनके सुझावों के आधार पर आगे का रास्ता तय करेंगे।
'पाकिस्तानी' कहे जाने वाले आरोपों पर पलटवार
विरोधियों द्वारा उन पर बांग्लादेश, पाकिस्तान और विदेशी अजेंडा चलाने के आरोपों पर उन्होंने कड़ा जवाब दिया। वे कहते हैं, "मैं आज भारत में आपके सामने बैठा हूं और कल मैंने दिल्ली में प्रदर्शन किया था। क्या सरकार एक पाकिस्तानी को दिल्ली में प्रदर्शन करने देगी?" उन्होंने सीबीएसई के 17 वर्षीय छात्र वेदांत का उदाहरण देते हुए कहा कि जब उस बच्चे ने अपनी मार्कशीट के गलत मूल्यांकन के खिलाफ आवाज उठाई, तो मीडिया और सरकार ने उसे भी 'पाकिस्तानी' कह दिया। वे सवाल करते हैं कि इस देश में आप किस-किस को पाकिस्तानी कहेंगे? क्या सिर्फ भाजपा और आईटी सेल वाले ही भारतीय हैं और बाकी सब पाकिस्तानी?
