Who is Abhijeet Dipke : अभिजीत दीपके और उनकी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की इन दिनों खूब चर्चा हो रही है। दीपके और उनका सीजेपी सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। दीपके ने व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (Cockroch Janata Party) की शुरुआत करके इंटरनेट पर हलचल मचाई है। भारत के प्रधान न्यायाधीश के 'परजीवी' और 'कॉकरोच' वाले बयान पर विवाद होने के बाद दीपके ने ऑनलाइन CJP का अपना अभियान शुरू किया। देखते ही देखते सोशल मीडिया X पर लाखों की संख्या में इसके फॉलोअर्स हो गए। बाद में NEET पेपर लीक को लेकर सीजेपी सरकार पर हमलावर है और वह शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। सीजेपी छह जून को जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर पर प्रदर्शन करने जा रही है। उसके इस प्रदर्शन पर राजनीतिक बयानबाजी भी हो रही है। पर्यावरणविद सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) भी सीजेपी के प्रदर्शन का समर्थन किया है। भारत के कुछ विपक्षी दलों का समर्थन भी दीपके भी मिला हुआ है।
कौन हैं अभिजीत दीपके
करीब 30 साल के अभिजीत दीपके ने पुणे से पत्रकारिता में स्नातक किया है। अब यह बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशन में मास्टर की पढ़ाई कर रहे हैं। रिपोर्टों की मानें तो दीपके साल 2020 से 2023 तक आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े रहे और उसके साथ वॉलिंटियर के रूप में काम किया। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान इन्होंने AAP के लिए मीम बनाया। इन मीम्स में विरोधी दलों को निशाना बनाया गया।
क्या है कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) क्या है?
कॉकरोच जनता पार्टी एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक मंच है, जो खुद को उन लोगों की पार्टी" बताती है जिन्हें व्यवस्था ने कभी गिना ही नहीं। अपनी वेबसाइट पर यह खुद को आलसी और बेरोजगार लोगों की आवाज बताती है। पार्टी की सदस्यता के लिए भी इसने मजाकिया अंदाज में पात्रता की शर्तें रखी हैं। सीजेपी का सदस्य बनने के लिए व्यक्ति का बेरोजगार, आलसी और हमेशा ऑनलाइन रहने वाला होना जरूरी बताया गया है। CJP ने सोशल मीडिया पर मीम्स, ग्राफिक्स, एनिमेशन और राजनीतिक व्यंग्य के जरिए लोकप्रियता हासिल की। इसका अधिकांश कंटेंट युवाओं से जुड़े मुद्दों जैसे बेरोजगारी, परीक्षा-पत्र लीक, शिक्षा व्यवस्था और रोजगार संकट हैं।
CJP नाम के पीछे की कहानी
इस व्यंग्यात्मक संगठन की शुरुआत उस विवाद के बाद हुई, जब भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकार्त ने एक सुनवाई के दौरान 'कॉकरोच" (तिलचट्टे) और 'परजीवी' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। 15 मई की सुनवाई में उन्होंने कहा था कि कुछ युवा ऐसे हैं जो रोजगार न मिलने के कारण मीडिया, सोशल मीडिया या एक्टिविज्म की ओर चले जाते हैं और फिर हर किसी की आलोचना करने लगते हैं। उनके बयान में 'कॉकरोच' शब्द के इस्तेमाल को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। इसी संदर्भ को व्यंग्य के रूप में अपनाते हुए CJP ने 'कॉकरोच' को अपनी पहचान बना लिया और खुद को उन युवाओं का प्रतिनिधि बताना शुरू किया जो बेरोजगारी और व्यवस्था की चुनौतियों से जूझ रहे हैं।
छह जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 6 जून को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रही है। सीजेपी का कहना है कि उसका प्रदर्शन शांति पूर्ण होगा। पहले सीजेपी के संस्थापक दीपके ने युवाओं से छह जून को दिल्ली एयरपोर्ट आने के लिए कहा था लेकिन बाद में सीजेपी के प्रवक्ताओं ने युवाओं से जंतर-मंतर आने की अपील की। दीपके ने X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा-'नमस्कार दोस्तों, मैंने भारत वापस आने का फैसला किया है। हां, मैं अपने देश, अपने घर भारत वापस आ रहा हूं, ताकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर सकूं...।'
'अब समय आ गया है कि हम सब एक साथ आएं'
'अब समय आ गया है कि हम सब एक साथ आएं, भारत के संविधान के रास्ते पर चलते हुए, और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठाकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करें। अगर हम सब मिलकर अपनी आवाज उठाएंगे, तो उन्हें हमारी बात जरूर सुननी पड़ेगी।' NEET पेपर लीक विवाद और हाल ही में आए CBSE परीक्षा परिणामों से जुड़े मुद्दों का हवाला देते हुए दिपके ने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था ने एक करोड़ से भी ज्यादा छात्रों को असफल कर दिया है और उन्हें अपने भविष्य को लेकर चिंतित छोड़ दिया है।
