Sansad March: नीट पेपर लीक मामले को लेकर सोमवार सुबह कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) संसद मार्च निकालने जा रही है। इस प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने भी अपनी कमर कस ली है। दरअसल, सीजेपी की सरकार से तीन बड़ी डिमांड है।
1. नीट (NEET) परीक्षा में हुई धांधली, पेपर लीक मामलों और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय हो।
2. परीक्षा में हुई इस बड़ी धांधली को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।
3. देश में लगातार बढ़ती बेरोजगारी, सरकारी भर्ती परीक्षाओं के परिणामों में होने वाली देरी और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ के मुद्दों पर सरकार से बातचीत की मांग।
सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ने के लिए क्या रखी तीन शर्तें?
बता दें कि शिक्षा मंत्री धर्मंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक ने सोमवार सुबह सरकार को एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा है कि वह 20 जुलाई को अपना अनशन तभी समाप्त करेंगे, जब उनकी ओर से रखी गई तीन शर्तों में से कोई एक पूरी होगी। वांगचुक का कहना है कि उनका आंदोलन देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और हालिया पेपर लीक जैसी घटनाओं की जवाबदेही तय कराने के लिए है।
सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों के नाम जारी संदेश में कहा कि कई लोग उनसे पूछ रहे हैं कि वह अनशन कब समाप्त करेंगे। उन्होंने साफ किया कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था की हालिया विफलताओं, विशेषतौर पर पेपर लीक जैसी घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार करती है, तो वह 20 जुलाई को अपना अनशन समाप्त कर देंगे।
मार्च से पहले क्या बोले दीपके?
संसद मार्च से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा, "हमारी तरफ से कोई भी गलत काम नहीं करेगा। यह पक्का करना हमारी ज़िम्मेदारी है कि यह प्रोटेस्ट और यह मार्च शांतिपूर्ण रहे। हम यहां एक महीने से बैठे हैं। सोनम वांगचुक ने इस प्रोटेस्ट के लिए अपनी जान जोखिम में डाली है। हम इस प्रोटेस्ट को बदनाम नहीं होने दे सकते।"
