NEET Paper Leak के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) लगातार दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन कर रही है। 20 जून को शुरू हुआ यह धरना-प्रदर्शन आज 24 जुलाई को भी जारी है। अब देश के कई अन्य शहरों में भी पेपर लीक के खिलाफ धरने-प्रदर्शन होने लगे हैं। CJP और आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी है। आंदोलनकारी छात्रों की तरफ से आज CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। हालांकि, आज दोनों पक्षों में सभी मुद्दों पर सहमति नहीं बनी। चलिए जानते हैं आज किन मुद्दों पर बात हुई और किस मुद्दे पर बात अटक गई।
केंद्र सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच आज यानी शुक्रवार 24 जुलाई को लगभग दो घंटे तक बैठक हुई। बैठक के बाद CJP ने दावा किया कि सरकार ने सिद्धांततः पार्टी की दो मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है। CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका के अनुसार जिन दो मांगों पर सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया, उनमें से एक पेपर लीक की घटना के बाद आत्महत्या करने वाले NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने और आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR और अन्य कानूनी मामलों को वापस लेने की मांग शामिल हैं।
CJP की नॉन-नेगोशिएबल डिमांड
बता दें कि CJP की ओर से सरकार से तीन प्रमुख मांगें ही रखी गई हैं। जिनमें से 2 पर सहमति बनती दिख भी रही है। लेकिन एक मांग पर अभी सहमति नहीं दिख रही है और CJP के अनुसार उनकी यह मांग नॉन-नेगोशिएबल है। जी हां, CJP की प्रमुख मांग, जिस पर सरकार अभी सहमत नहीं दिख रही है, वह है शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) का इस्तीफा। आशुतोष रांका के अनुसार सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर विचार के लिए कल यानी शनिवार 25 जुलाई दोपहर तक का समय मांगा है।
उम्मीद है जल्द धर्मेंद्र प्रधान को हटाने का निर्णय होगा
केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए आशुतोष रांका ने कहा कि पार्टी को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने का निर्णय लेगी।
सरकार के आश्वासन के बाद बातचीत की सहमति
CJP के अनुसार, पार्टी ने सरकार से बातचीत के लिए तब सहमति दी, जब उन्हें आश्वासन दिया गया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। यही नहीं प्रभावित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता देने पर विचार करने की बात भी सरकार ने कही है।
सोनम वांग्चुक ने तोड़ा अनशन
ज्ञात हो कि यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपना 26 दिन लंबा अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने कल देर रात केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अपना अनशन खत्म किया।
इस बीच देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र संगठन और विपक्षी दल लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार की मांग के साथ आंदोलन आज भी जारी है। सरकार और CJP के बीच हुई यह बातचीत आगे के घटनाक्रम के लिहाज से अहम मानी जा रही है। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर हैं कि शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार राजी होती है या CJP अपनी इस मांग को छोड़ने को तैयार होती है। जबकि सोनम वांग्चुक भी कह चुके हैं कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा अहम नहीं है।
