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छत्तीसगढ़ को अयोध्या तक मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी, CM विष्णुदेव साय ने नितिन गडकरी से की मुलाकात

Chhattisgarh to Ayodhya: छत्तीसगढ़ को अयोध्या तक अब सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, नए राष्ट्रीय राजमार्ग का प्रस्ताव रखा गया है। सीएम विष्णुदेव साय ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में सड़क परियोजनाओं और आदिवासी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी पर चर्चा की।

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केंद्रीय सड़क निधि के अंतर्गत 1383 करोड़ के कार्यों के स्वीकृति का अनुरोध।

New Delhi: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से उनके निवास पर मुलाकात की। बैठक में राज्य में चल रही सड़क परियोजनाओं और आदिवासी क्षेत्रों में व अयोध्या तक सीधी कनेक्टिविटी बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने राज्य में सड़क परिवहन को और अधिक सुलभ व सुविधाजनक बनाने के लिए नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का प्रस्ताव रखा। जिस पर केंद्रीय मंत्री गडकरी ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

सीएम विष्णुदेव साय ने नितिन गडकरी से किया ये अनुरोध

बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव और वित्त मंत्री ओपी चौधरी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, राहुल भगत, लोक निर्माण विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी और भारत सरकार के अधिकारी भी उपस्थित थे। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य के सामाजिक एवं आर्थिक उन्नति एवं सुदूर आदिवासी वनांचलों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए नए राष्ट्रीय राजमार्ग का प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री ने रायगढ़-धरमजयगढ़-मैनपाट-अंबिकापुर-उत्तरप्रदेश सीमा तक कुल 282 किमी तक के मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग की है। साय ने बताया यह मार्ग प्रदेश के चार जिलों से होकर गुजरता है एवं धार्मिक नगरी अयोध्या से छत्तीसगढ़ राज्य को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र मुख्यमार्ग से जुड़ेगा तो क्या होगा असर?

मुख्यमंत्री ने कवर्धा-राजनांदगांव-भानुप्रतापपुर-अंतागढ़-नारायणपुर-गीदम-दंतेवाड़ा-सुकमा मार्ग को भी राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने बताया यह कुल 482 किमी लंबा राज्य के कुल 6 राष्ट्रीय राजमार्गों एवं 5 जिला मुख्यालय को जोड़ने वाला अति महत्वपूर्ण मार्ग है। इस मार्ग के निर्माण होने से बस्तर का नक्सल प्रभावित क्षेत्र मुख्यमार्ग से जुड़ेगा एवं नक्सल गतिविधियों में कमी आएगी।

Nitin Gadkari Vishnu deo Sai

नितिन गडकरी और विष्णु देव साय।

इसके साथ ही उन्होंने कहा रायपुर शहर से तीन राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं। एनएच 130बी से 53 को जोड़ने वाले मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा यह मार्ग एनएच घोषित होने से रायपुर शहर का रिंग रोड पूर्ण रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग हो जाएगा। इसके अलावा उन्होंने रतनपुर-लोरमी-मुंगेली-नांदघाट-भाटापारा-बलौदाबाजार मार्ग, केंवची-पेंड्रारोड-पसान-कटघोरा मार्ग, मुंगेली-नवागढ़-बेमेतरा-धमधा-दुर्ग-झलमला मार्ग, राजनांदगांव-मोहला-मानपुर मार्ग, पंडरिया-बजाग-गाड़ासरई मार्ग को भी राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री ने रखा है।

मंत्रालय को भेजे गए 1383 करोड़ के 13 कार्यों के प्रस्ताव

मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 में कटघोरा से अंबिकापुर तक फोर लेन चौड़ीकरण करने तथा एनएच क्रमांक 53 पर टाटीबंध से तेलीबांधा तक सुरक्षित यातायात की दृष्टि से सरोना चौक, उद्योग भवन, और तेलीबांधा चौक पर ग्रेड सेपरेटर निर्माण की आवश्यकता बताई है। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग के वार्षिक योजना 2024-25 में एनएच 30 धमतरी से जगदलपुर व एनएच 130बी में रायपुर-बलौदाबाजार-सारंगढ़ मार्ग फोर लेन करने का प्रस्ताव रखा है। वहीं, रायपुर-दुर्ग एनएच 53 के दो जंक्शन सिरसा गेट व खुर्सीपार जंक्शन पर ग्रेड सेपरेटर निर्माण के स्वीकृति का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय सड़क निधि के अंतर्गत 1383 करोड़ के 13 कार्यों के प्रस्ताव मंत्रालय को भेजे गए हैं। उन्होंने प्रस्तावों को जल्द स्वीकृत करने का अनुरोध किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने रायपुर में नवंबर में होने वाले इंडियन रोड कॉंग्रेस का 83वां वार्षिक अधिवेशन में शामिल होने के लिए केंद्रीय मंत्री को आमंत्रण भी दिया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने छत्तीसगढ़ में सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए विभिन्न प्रस्तावों पर जल्द से जल्द सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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