भारत के मून मिशन चंद्रयान 3 की सफलता के साथ ही भारत दुनिया का पहला देश बन गया है जिसने साउथ पोल पर सफल लैंडिंग की है वहीं यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) को विक्रम लैंडर के सिग्नल मिले हैं। इस एजेंसी के वैज्ञानिक ने बताया है कि चंद्रयान-3 का लैंडर विक्रम धरती पर उसके स्टेशन के साथ कम्युनिकेट कर रहा है।
गौर हो कि चंद्रयान-3 के मिशन में ईएसए भी शामिल थी। उसकी तरफ से मिशन के लिए अंतरिक्ष में जरूरी गहन संचार के लिए मदद दी जा रही है।रेडियो एस्ट्रोनॉमर स्कॉट टिली ने एक ऑडियो अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया है, इस ऑडियो के साथ ही उन्होंने बताया है कि विक्रम लैंडर किस तरह से कम्युनिकेट कर रहा है।
'लैंडर का एक पैर और उसके साथ की परछाई भी दिखायी दी'
इससे पहले चंद्रयान-3 मिशन के लैंडर 'विक्रम' ने चंद्रमा की सतह पर उतरने के लिए अपेक्षाकृत एक समतल क्षेत्र को चुना। उसके कैमरे से ली गयी तस्वीरों से यह पता चला है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने कहा कि विक्रम के सफलतापूर्वक चंद्रमा पर पहुंचने के तुरंत बाद 'लैंडिंग इमेजर कैमरा' ने ये तस्वीरें कैद कीं। तस्वीरें चंद्रयान-3 के लैंडिंग स्थल का एक हिस्सा दिखाती हैं। उसने कहा, 'लैंडर का एक पैर और उसके साथ की परछाई भी दिखायी दी।'
चंद्रमा की सतह पर उतरते वक्त ली गयी तस्वीरें भी जारी
अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा, 'चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की सतह पर अपेक्षाकृत एक समतल क्षेत्र को चुना।' उसने यह भी बताया कि लैंडर और इसरो के यहां मिशन ऑपरेशंस कॉम्प्लेक्स के बीच संचार भी स्थापित हुआ है। इसरो ने चंद्रयान-3 के चंद्रमा की सतह पर उतरते वक्त ली गयी तस्वीरें भी जारी की हैं।
