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चंद्रबाबू नायडू ने साफ कर दी तस्वीर, 'भारत के लिए सही समय पर सही नेता हैं नरेंद्र मोदी'

Naidu on Modi: चंद्रबाबू नायडू ने नरेंद्र मोदी के लिए अपना कदम जगजाहिर कर दिया है। उन्होंने कहा है कि क्षेत्रीय आकांक्षाओं और राष्ट्र के हितों का संतुलन जरूरी है। नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश में मोदी की रैलियों की वजह से तेदेपा को लोकसभा चुनाव में 16 सीट जीतने में मदद मिली।

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मोदी के साथ रहेंगे नायडू।

Photo : Twitter

TDP with BJP: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रमुख सहयोगी दल तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू और बिहार के मुख्यमंत्री तथा जनता दल यूनाइटेड (जदयू) नेता नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेता के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम का समर्थन किया।

'संतुलन बनाकर चलने की बताई जरूरत'

नायडू ने इस अवसर पर क्षेत्रीय आकांक्षाओं और राष्ट्रीय हितों का संतुलन बनाकर चलने की जरूरत बताई। राजग संसदीय दल की बैठक में सहयोगी दल जनता दल-सेक्यूलर के नेता एच डी कुमारस्वामी, शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष अजित पवार, हम (एस) के प्रमुख जीतन राम मांझी समेत अन्य सहयोगी नेताओं ने मोदी को राजग का नेता चुनने के वरिष्ठ भाजपा नेता राजनाथ सिंह के प्रस्ताव का समर्थन किया।

मोदी के बारे में क्या बोले चंद्रबाबू नायडू?

नायडू ने इस अवसर पर कहा, 'समाज के सभी वर्गों के समग्र विकास के लिए क्षेत्रीय आकांक्षाओं और राष्ट्रीय हितों का संतुलन बनाते हुए चलना होगा।' उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में मोदी की रैलियों की वजह से तेदेपा को लोकसभा चुनाव में 16 सीट जीतने में मदद मिली। नायडू ने कहा, 'नरेंद्र मोदी भारत के लिए सही समय पर सही नेता हैं।' बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विश्वास जताया कि मोदी बड़े स्तर पर भारत का विकास करेंगे और बिहार पर भी ध्यान देंगे।

उन्होंने कहा, 'हमें विश्वास है कि मोदी भारत का विकास करेंगे और हम हर दिन तहेदिल से उनका समर्थन करेंगे।' नीतीश ने कहा कि उनकी पार्टी मोदी के कार्यकाल में हर दिन भाजपा के साथ खड़ी रहेगी।

मोदी को राजग संसदीय दल का नेता चुना गया

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता नरेंद्र मोदी को शुक्रवार को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) संसदीय दल का नेता चुन लिया गया। इसके बाद राजग के नेता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे और फिर नरेंद्र मोदी रविवार को लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।

संसद भवन की पुरानी इमारत में स्थित संविधान कक्ष में राजग की बैठक की औपचारिक शुरुआत होने के बाद वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने मोदी को राजग संसदीय दल का नेता चुने जाने का प्रस्ताव रखा, जिसका सभी सहयोगी दलों ने अनुमोदन किया। अनुमोदन के बाद सभी नेताओं ने ध्वनि मत से मोदी को अपना नेता चुन लिया। भाजपा और राजग नेताओं ने माला पहनाकर नेता चुने जाने पर मोदी को बधाई दी। इस दौरान कक्ष में मौजूद नेताओं ने मोदी-मोदी के नारे भी लगाए।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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