उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन विष्णुगढ़–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना में मंगलवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। पीपलकोटी क्षेत्र की सुरंग के भीतर मजदूरों को ले जा रही एक लोको ट्रेन की सामग्री ढोने वाली दूसरी ट्रेन से टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में करीब 70 मजदूर घायल हुए हैं, जिनमें से पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है। हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट सुरंग के निर्माण के दौरान एक लोकल स्तर पर ट्रांसपोर्टेशन अरेंजमेंट में प्रयोग की जा रही ट्रॉली से सम्बंधित घटना घटित हुई।
हालांकि, इस घटना का भारतीय रेलवे से कोई सम्बन्ध नहीं है। यह प्रोजेक्ट टीम द्वारा लोकल स्तर पर प्रयोग क्या जा रही परिवहन व्यवस्था है।
शिफ्ट बदलते समय हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक यह हादसा मंगलवार रात करीब 10 बजे उस वक्त हुआ, जब शिफ्ट चेंज के दौरान लोको ट्रेनें मजदूरों को कार्यस्थल तक पहुंचा रही थीं। बताया जा रहा है कि सुरंग के अंदर किसी तकनीकी खामी के कारण यात्रियों को ले जा रही ट्रेन और सामग्री ढोने वाली ट्रेन आपस में टकरा गईं। उस समय ट्रेन में कुल 108 से 109 लोग सवार थे।
70 व्यक्तियों का उपचार जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में किया गया, 66 व्यक्तियों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें घर भेज दिया गया है तथा 04 व्यक्तियों को जिला चिकित्सालय अस्पताल में एडमिट किया गया है। पीपलकोटी विवेकानंद चिकित्सालय में 18 व्यक्तियों का प्राथमिक उपचार कर घर भेज दिया गया है 21 लोगों पर किसी भी प्रकार की चोट नहीं लगी वह सामान्य है ये घटना स्थल से ही अपने घर चले गए।
सीएम धामी ने जताई चिंता
इस घटना पर चिंता जाहिर करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट लिखा। उन्होंने लिखा, "चमोली जनपद के पीपलकोटी में निर्माणाधीन टीएचडीसी विष्णुगाड़ - पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीबीएम साइट पर हुई दुर्घटना के संबंध में जिलाधिकारी चमोली से निरंतर संपर्क में हूं। सभी घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सालयों में रेफर करने के निर्देश दिए हैं।"
अलग-अलग राज्यों के मजदूर हुए घायल
हादसे में घायल मजदूरों में उड़ीसा, बिहार और झारखंड के कामगार शामिल हैं। टक्कर के बाद सुरंग के भीतर अफरा-तफरी मच गई। कई मजदूरों को हाथ-पैर में फ्रैक्चर और गंभीर चोटें आई हैं, जबकि कुछ को हल्की चोटें लगी हैं।
सभी घायलों को सुरक्षित निकाला गया
हादसे की सूचना मिलते ही परियोजना प्रबंधन, प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। जिलाधिकारी गौरव कुमार के अनुसार सभी लोगों को सुरंग से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया गया, जिससे किसी तरह की जानमाल की और बड़ी क्षति नहीं हुई।
दो अस्पतालों में चल रहा इलाज
घायलों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। 42 घायल मजदूरों का इलाज गोपेश्वर जिला अस्पताल में किया जा रहा है और 17 घायलों को पीपलकोटी स्थित विवेकानंद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन के अनुसार फिलहाल सभी घायलों की हालत स्थिर है।
डीएम और एसपी ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा
घटना के बाद जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे। उन्होंने वहां भर्ती घायलों से मुलाकात की और चिकित्सकों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
विष्णुगढ़ृ-पीपलकोटी परियोजना से जुड़ी अहम जानकारी
यह 444 मेगावाट की विष्णुगढ़–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना अलकनंदा नदी पर हेलंग और पीपलकोटी के बीच बनाई जा रही है। इस परियोजना से चार टर्बाइनों के जरिए 111 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना को अगले वर्ष तक पूरा करने का लक्ष्य है। सुरंग के भीतर मजदूरों और सामग्री की आवाजाही के लिए लोको ट्रेनों का इस्तेमाल किया जाता है।
हादसे के कारणों की जांच जारी
प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी को दुर्घटना की वजह माना जा रहा है। THDC प्रबंधन से भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
