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देश के दूसरे CDS जनरल अनिल चौहान हुए सेवानिवृत्त, कार्यकाल को बताया 'बेहद संतोषजनक'; कल कमान संभालेंगे राजा सुब्रमणि

भारत के दूसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान 30 मई को सेवानिवृत्त हो गए हैं। तीनों सेनाओं ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर विदा किया। रविवार को लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि देश के तीसरे रक्षा प्रमुख के रूप में कमान संभालेंगे।

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गार्ड ऑफ ऑनर' के साथ CDS जनरल अनिल चौहान की विदाई

Photo : PTI

भारत के दूसरे प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (CDS) जनरल अनिल चौहान ने शनिवार को सैन्य सेवा से विदाई ले ली। शीर्ष सैन्य पद पर करीब 3 साल और 8 महीने (सेवा विस्तार सहित) का अपना गौरवशाली कार्यकाल पूरा करने के बाद जनरल चौहान ने इसे "बेहद संतोषजनक और उत्कृष्ट" करार दिया। शनिवार सुबह नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीदों को नमन करने और थल सेना, नौसेना व वायुसेना की ओर से औपचारिक 'गार्ड ऑफ ऑनर' प्राप्त करने के बाद निवर्तमान सीडीएस ने संवाददाताओं से कहा, "तीनों सेनाओं की ओर से दिए गए इस सम्मान के साथ सेवानिवृत्त होना मेरे लिए गर्व की बात है। मैं अपने सभी वर्दीधारी सहयोगियों को धन्यवाद देता हूं। पुष्पचक्र अर्पित करने के बाद शुभचिंतकों द्वारा मेरा स्वागत किया जाना, मेरे सैन्य जीवन से असैन्य (सिविलियन) जीवन में प्रवेश करने का प्रतीक है।"

जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल

दिसंबर 2021 में देश के पहले CDS जनरल बिपिन रावत की एक दुखद हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु के करीब 9 महीने बाद, सितंबर 2022 में जनरल अनिल चौहान ने देश के सबसे वरिष्ठ सैन्य कमांडर के रूप में कार्यभार संभाला था। उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियां निम्नलिखित रहीं। प्रमुख रक्षा अध्यक्ष के रूप में उन्होंने तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ मिलकर अत्यंत संवेदनशील 'ऑपरेशन सिंदूर' की रणनीतिक योजना बनाने और इसे सफलतापूर्वक जमीन पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बदलते क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य और चीन-पाकिस्तान की दोहरी चुनौतियों को देखते हुए उन्होंने भारत की सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए 'थिएटराइजेशन' (तीनों सेनाओं को एक थिएटर कमांड के तहत लाना) की दिशा में ठोस कदम उठाए।

इसके अलावा 18 मई 1961 को जन्मे जनरल चौहान 1981 में 11 गोरखा राइफल्स में शामिल हुए थे। फरवरी 2019 में जब भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी शिविरों पर एयरस्ट्राइक की थी, तब वह सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) थे और इस पूरे ऑपरेशन के रणनीतिक सूत्रधार थे।

लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि संभालेंगे कमान

रविवार, 31 मई 2026 से देश के नए और तीसरे प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (CDS) के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) कार्यभार ग्रहण करेंगे। वह सीडीएस के साथ-साथ रक्षा मंत्रालय के अधीन सैन्य मामलों के विभाग (DMA) के सचिव की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।

कौन हैं नए सीडीएस राजा सुब्रमणि?

लगभग चार दशकों के शानदार करियर वाले लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स में कमीशन हुए थे। वह नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) और इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) के पूर्व छात्र हैं। वह थल सेना के उप-प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) और मध्य कमान के कमांडर रह चुके हैं। सितंबर 2025 से वे राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत थे। उन्हें जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में आतंकवाद-रोधी अभियानों का व्यापक अनुभव है। उन्होंने चीन और पाकिस्तान से जुड़े जटिल रक्षा मामलों को बेहद करीब से संभाला है। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM) और अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) से नवाजा जा चुका है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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