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आरजी कर मामला: महिला डॉक्टर से रेप और मर्डर केस में बड़ा अपडेट, CBI ने दाखिल की चार्जशीट

Kolkata Doctor rape and murder case: एक अधिकारी ने बताया है कि सीबीआई ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षु चिकित्सक से बलात्कार और हत्या मामले में 200 से अधिक पेज का आरोप पत्र दायर कर दिया है। पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ कनिष्ठ चिकित्सकों का आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी है।

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CBI ने दायर की 200 से अधिक पेज की चार्जशीट।

Photo : BCCL

RG Kar Hospital Case: आरजी कर अस्पताल ट्रेनी डॉक्टर से रेप एंड मर्डर मामले में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल कर ली है। इस मामले में पहली चार्जशीट दायर की गई। कोलकाता की सियालदह कोर्ट में पहला आरोप पत्र दाखिल किया गया है। इसकी जानकारी अधिकारी ने साझा की है।

चार्जशीट में 200 लोगों के बयान

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कोलकाता स्थित आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पातल में एक प्रशिक्षु चिकित्सक से बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में मुख्य आरोपी संजय रॉय के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। इस आरोप पत्र में 200 लोगों के बयान हैं और ये चार्जशीट 200 से ज्यादा पेज की है। जानकारी के अनुसार चार्जशीट में सिर्फ हत्या एंड रेप का जिक्र है, गैंगरेप नहीं है।

कोलकाता की एक विशेष अदालत में दाखिल अपने आरोप पत्र में सीबीआई ने कहा कि स्थानीय पुलिस के साथ स्वयंसेवक के रूप में काम करने वाले रॉय ने नौ अगस्त को अस्पताल के सभागार में घटना को कथित तौर पर अंजाम दिया था। अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी ने आरोप पत्र में सामूहिक बलात्कार के आरोप का उल्लेख नहीं किया है, जिससे संकेत मिलता है कि रॉय ने अकेले ही अपराध को अंजाम दिया। सीबीआई ने मामले की जांच जारी रखी है।

डॉक्टर्स का आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला चिकित्सक के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म और हत्या के मामले में महिला चिकित्सक के लिए न्याय और कार्यस्थल पर सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलनरत कनिष्ठ चिकित्सकों का आमरण अनशन सोमवार को लगातार तीसरे दिन जारी है। बहरहाल, राज्य सरकार ने उनकी मांगों पर अभी कुछ नहीं कहा है।

मांगें पूरी होने तक इसे जारी रहेगा अनशन

छह कनिष्ठ चिकित्सक शनिवार शाम से ही आमरण अनशन कर रहे हैं और बाद में एक और चिकित्सक उनके साथ शामिल हो गए। ‘ज्वाइंट प्लेटफॉर्म ऑफ डॉक्टर्स इन वेस्ट बंगाल’ के छह सदस्य कनिष्ठ चिकित्सकों के साथ एकजुटता जताने के लिए अनशन में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं।

एक कनिष्ठ चिकित्सक अनिकेत महतो ने कहा, 'हमारा आमरण अनशन जारी है। हमें राज्य सरकार से कोई संदेश नहीं मिला है। हम अपनी सभी मांगें पूरी होने तक इसे जारी रखेंगे। कोई भी बाहरी दबाव हमें अपनी मृतक बहन के लिए न्याय मांगने के वास्ते प्रदर्शन करने की हमारी राह से नहीं हटा सकता...अभी नहीं तो कभी नहीं।'

कौन-कौन छह डॉक्टर अनशन पर बैठे हैं?

अनशन पर बैठने वाले छह चिकित्सकों में कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्निग्धा हाजरा, तान्या पांजा और अनुष्टुप मुखोपाध्याय, एसएसकेएम अस्पताल के अर्नब मुखोपाध्याय, एन.आर.एस. मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पुलस्थ आचार्य और के.पी.सी मेडिकल कॉलेज की सायंतनी घोष हाजरा शामिल हैं।

दो वरिष्ठ महिला चिकित्सक - श्रावणी मित्रा और श्रावणी चक्रवर्ती ने कनिष्ठ चिकित्सकों के प्रति एकजुटता जताने के लिए प्रदर्शन स्थल पर 24 घंटे का अनशन शुरू कर दिया है। मित्रा ने कहा, 'हम युवा चिकित्सकों के प्रति अपना समर्थन और एकजुटता दिखाने के लिए उनके साथ शामिल हो गए हैं। इसके अलावा 10-13 अन्य वरिष्ठ चिकित्सक भी उनके साथ जुड़ेंगे। वे भी अगले 24 घंटे तक अनशन करेंगे।' मित्रा और चक्रवर्ती दोनों आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की पूर्व छात्रा हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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