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Cash For Vote Case: ईडी ने 'वोट के बदले नकदी' मामले में दुबई भाग रहे एक व्यक्ति को किया गिरफ्तार

Cash For Vote Case: ED ने कथित कैश-फॉर-वोट मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान नागनी अकरम मोहम्मद शफी के रूप में हुई है। उसे अहमदाबाद एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने पकड़ा है।

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Cash For Vote Case में पुलिस ने एक शख्स को किया गिरफ्तार

Photo : ANI

Cash For Vote Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित कैश-फॉर-वोट मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान नागनी अकरम मोहम्मद शफी के रूप में हुई है। उसे अहमदाबाद एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने उस समय पकड़ा जब वह दुबई भागने की कोशिश कर रहा था। शफी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था। महाराष्ट्र के नासिक में मालेगांव छावनी पुलिस स्टेशन द्वारा 7 नवंबर को मामला दर्ज किया गया था, जिसमें मालेगांव के नासिक मर्चेंट को-ऑपरेटिव बैंक (एनएएमसीओ बैंक) में नए खोले गए 14 खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी रकम जमा करने के बारे में बताया गया था। यह एफआईआर जयस लोटन मिसाल की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी, जिसमें कहा गया था कि सिराज अहमद मोहम्मद हारुन मेमन और उसके साथियों ने उसके पहचान दस्तावेजों के साथ-साथ उसके भाई गणेश मिसाल और कुछ अन्य व्यक्तियों के पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल फर्जी संस्थाएं स्थापित करने और नासिक मर्चेंट को-ऑपरेटिव बैंक, मालेगांव, नासिक में ऐसी फर्जी संस्थाओं के नाम पर बैंक खाते खोलने के लिए किया था। ये दस्तावेज सिराज अहमद ने शिकायतकर्ता और ऐसे अन्य व्यक्तियों को कुछ वित्तीय लाभ या नौकरी देने की आड़ में एकत्र किए थे। उक्त शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि सिराज अहमद ने ऐसे व्यक्तियों के नाम पर नए सिम कार्ड भी हासिल किए, जिन्हें उन बैंक खातों से जोड़ा गया था, ताकि ऐसे खातों का नियंत्रण और संचालन किया जा सके।

नैमको बैंक में खाते खोल कर किया जा रहा था पैसों का लेनदेन

जानकारी के मुताबिक, इन बैंक खातों का इस्तेमाल सैकड़ों करोड़ के सर्कुलर ट्रांजेक्शन सहित भारी वित्तीय लेनदेन करने और उस पैसे से सावधि जमा करने के लिए किया गया था। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ईडी के अधिकारियों ने कहा कि सिराज अहमद को नागनी अकरम मोहम्मद शफी से भी निर्देश मिल रहे थे। अधिकारियों ने कहा कि शफी उन व्यक्तियों में से एक था, जिसके निर्देश पर सिराज अहमद ने नैमको बैंक में उपरोक्त 14 खाते खोले थे। इन खातों का संचालन भी सिराज अहमद द्वारा ही किया जाता था, जो नागनी अकरम के निर्देश पर था, और 14 करोड़ रुपये की राशि भी सिराज अहमद द्वारा ही हवाला चैनलों के माध्यम से, उसके निर्देश पर भेजी गई थी। तदनुसार, ईडी द्वारा एकत्र किए गए आगे के विवरणों के आधार पर नागनी अकरम मोहम्मद शफी के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था।
Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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