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क्या जेल से सरकार चला सकते हैं अरविंद केजरीवाल? जानिए क्या कहते हैं नियम

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Mar 22, 2024, 08:42 AM IST

Arvind Kejriwal : संविधान में ऐसी व्यवस्था है कि भारत के राष्ट्रपति को उनके कार्यकाल की समाप्ति तक उन्हें किसी भी मामले में गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। यह छूट यहां तक कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों तक को भी नहीं है।

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दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल।

Arvind Kejriwal : दिल्ली के आबकारी नीति मामले में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल गिरफ्तार हो चुके हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) का कहना है कि गिरफ्तार होने के बाद भी सीएम पद से वह इस्तीफा नहीं देंगे। दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने गुरुवार को कहा कि जरूरत पड़ी तो वह जेल से ही सरकार चलाएंगे। दरअसल, सीएम पद पर रहते हुए गिरफ्तार होने वाले केजरीवाल पहले व्यक्ति नहीं है, इनसे पहले भी पद पर मौजूद मुख्यमंत्रियों की गिरफ्तारी हो चुकी है लेकिन केजरीवाल से पहले इन नेताओं ने या तो अपनी गिरफ्तारी के बाद या पहले नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दिया। कानून के विशेषज्ञों का मानना है कि केजरीवाल के इस्तीफा न देने पर दिल्ली में सरकार चलाने पर संवैधानिक संकट खड़ा हो सकता है। कई विशेषज्ञ इसमें उप राज्यपाल की भूमिका अहम देखते हैं।

गिरफ्तारी से कौन बच सकता है?

संविधान में ऐसी व्यवस्था है कि भारत के राष्ट्रपति को उनके कार्यकाल की समाप्ति तक उन्हें किसी भी मामले में गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। यह छूट यहां तक कि प्रधानमंत्री तक को भी नहीं है। संविधान का अनुच्छेद 361 कहता है कि अपने आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन करने के दौरान भारत का राष्ट्रपति किसी भी कोर्ट के प्रति जवाबदेह नहीं है।

क्या जेल से सरकार चला सकते हैं केजरीवाल?

जेल से सरकार चलाना लॉजिस्टिक रूप से व्यावहारिक नहीं है लेकिन ऐसा कोई कानून भी नहीं है जो ऐसा करने से किसी सीएम को रोकता हो। कानून के मुताबिक किसी सीएम को उनके पद से तभी हटाया या अयोग्य ठहराया जा सकता है जब किसी मामले में दोषी करार दे दिए गए हों। लेकिन इस मामले में अरविंद केजरीवाल दोषी नहीं हुए हैं केवल आरोपित हैं। कानून के जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री केवल दो सूरतों में अपना पद छोड़ने के लिए बाध्य हो सकते हैं- पहला या तो वह विधानसभा में अपना बहुमत खो दें अथवा उनकी सरकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाए।

एलजी की भूमिका अहम

केजरीवाल के गिरफ्तार होने के बाद दिल्ली के उप राज्यपाल की भूमिका अहम हो गई है। केजरीवाल यदि सीएम बने रहना चाहते हैं तो उन्हें जेल से राहत पानी होगी। अगर उन्हें जमानत नहीं मिलती है और वह जेल में रहते हैं तो एलजी अनुच्छेद 239AA को प्रभावी करने के लिए राष्ट्रपति से अनुरोध कर सकते हैं। एलजी कह सकते हैं कि चूंकि मुख्यमंत्री जेल में हैं, ऐसे में वह अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में अक्षम हैं।

गिरफ्तारी पर HC से नहीं मिली राहत

बता दें कि आबकारी नीति घोटाला के मनीलॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए ईडी ने नौवा समन जारी किया था लेकिन वह पेश नहीं हुए। केजरीवाल को आशंका थी कि उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है, इससे राहत पाने के लिए उन्होंने दो बार दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया लेकिन दोनों बार उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के खिलाफ आम आदमी पार्टी गुरुवार रात ही सुप्रीम कोर्ट पहुंची और इस पर तत्काल सुनवाई की मांग की। AAP की अपील पर सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार ने कहा कि इस पर अगले दिन यानी शुक्रवार सुबह सुनवाई होगी।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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