Modi Cabinet Meet: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को आर्थिक मामलों की कैबिनेट बैठक हुई। इस बैठक में झारखंड, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश को कवर करने वाले मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी दी।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कोडरमा-बरकाकाना दोहरीकरण और बेल्लारी-चिकजाजुर दोहरीकरण प्रोजेक्ट दोनों ही आर्थिक और कनेक्टिविटी के हिसाब से काफी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि कोडरमा-बरकाकाना दोहरीकरण प्रोजेक्ट की लागत 3,063 करोड़ रुपये है और इस प्रोजेक्ट की लंबाई 133 किलोमीटर है। यह पटना और रांची के बीच की छोटी लाइन है। इस परियोजना की मदद से कोडरमा, चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ जिलों को अच्छी कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे 938 गांवों के साथ 15 लाख आबादी लाभांवित होगी...
उन्होंने कहा कि बेल्लारी-चिकजाजुर दोहरीकरण प्रोजेक्ट 185 किलोमीटर लंबा है और इसकी लागत 3,342 करोड़ रुपये है। यह मंगलौर बंदरगाह के साथ आंतरिक इलाकों को कुशलतापूर्वक जोड़ेगी। हम मंगलौर की रेलवे कनेक्टिविटी में सुधार के लिए एक मास्टर प्लान बना रहे हैं... यह 29 प्रमुख पुलों वाली एक जटिल परियोजना है... इससे लगभग 13 लाख की आबादी को लाभ होगा...
मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट
कोडरमा-बरकाकाना दोहरीकरण (133 किलोमीटर): यह प्रोजेक्ट खंड झारखंड के एक प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्र से होकर गुजरता है। इसके अतिरिक्त यह पटना और रांची के बीच सबसे छोटा और अधिक कुशल रेल संपर्क है।
बेल्लारी-चिकजाजुर दोहरीकरण (185 किलोमीटर): प्रोजेक्ट लाइन कर्नाटक के बेल्लारी और चित्रदुर्ग जिलों और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से होकर गुजरती है।
इन मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्तावों से प्रचालन सुव्यवस्थित होगा और भीड़भाड़ में कमी आएगी। ये परियोजनाएं पीएम मोदी के नए भारत के विजन के अनुरूप हैं, जो क्षेत्र में व्यापक विकास के माध्यम से लोगों को "आत्मनिर्भर" बनाएगी, जिससे उनके लिए रोजगार/स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
