Jammu Kashmir Vidhan Sabha Chunav 2024 Exit Poll Results: जम्मू कश्मीर की विधानसभा की सभी 90 सीटों पर एग्जिट पोल्स आ गए हैं। इस बार इस राज्य में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन को सबसे ज्यादा सीटें मिल सकती हैं। आज तक सी वोटर के सर्वे के मुताबिक कांग्रेस-एनसी गठबंधन को सबसे ज्यादा 40 से 48 सीटें मिल सकती हैं। यहां सरकार बनाने के लिए 46 सीटों की जरूरत होती है। ये एग्जिट पोल का अनुमान है। असली नतीजे आठ अक्टूबर को आएंगे। हाल के वर्षों में एग्जिट पोल के अनुमान वास्तविक नतीजों के करीब पहुंचे हैं और इनके अनुमान ज्यादातर सही साबित हुए हैं। इसलिए इन पर ज्यादा भरोसा किया जाता है। एग्जिट पोल जनता के मूड के बारे में बताते हैं।
जम्मू में भाजपा को मिल सकती हैं 27 से 31 सीटें
आज तक-सी वोटर के के एग्जिट पोल के मुताबिक जम्मू की 43 सीटों में भाजपा को सबसे ज्यादा सीटें मिलने की बात कही गई है। जम्मू संभाग में भाजपा 27 से 31 सीटें, कांग्रेस-एनसी गठबंधन 11 से 15 सीटें, पीडीपी 0-2 सीटें और अन्य एक सीटें जीत सकते हैं। जम्मू रीजन में भाजपा को 41.3 प्रतिशत वोट, कांग्रेस-एनसी गठबंधन को 36.4 प्रतिशत, पीडीपी को 4.4 और अन्य को 17.9 फीसद वोट मिल सकता है।
जम्मू क्षेत्र में किसे कितनी सीटें मिल रहीं
| पार्टी | सीटें | वोट प्रतिशत |
| भाजपा | 27-31 | 41.3 |
| कांग्रेस+नेशनल कॉन्फ्रेंस | 11-15 | 36.4 |
| पीडीपी | 0-2 | 4.4 |
| अन्य | 0-1 | 17.9 |
कश्मीर रीजन में नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन को ज्यादा सीटें
कश्मीर क्षेत्र में 47 सीटें हैं। यहां कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन को सबसे ज्यादा सीटें मिल रही हैं। कश्मीर रीजन में एनसी-कांग्रेस गठबंधन को 29-33 सीटें, भाजपा को 0 -1 सीट, पीडीपी को 6-10 सीटें और अन्य को भी 6 से 10 सीटें मिल सकती हैं। वोट प्रतिशत की अगर बात करें तो कश्मीर रीजन में एनसी-कांग्रेस गठबंधन को 38.7 प्रतिशत, भाजपा को 22.9 फीसद, पीडीपी को 10.2 प्रतिशत और अन्य को 28.2 फीसद वोट मिल सकता है।कश्मीर रीजन में किसे कितनी सीटें
| पार्टी | सीटें | वोट प्रतिशत |
| एनसी-कांग्रेस गठबंधन | 29-33 | 38.7 |
| भाजपा | 0 -1 | 22.9 |
| पीडीपी | 6-10 | 10.2 |
| अन्य | 6 से 10 | 28.2 |
लोगों ने मतदान में बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
जम्मू कश्मीर में इस बार तीन चरणों 18 सितंबर, 25 सितंबर और एक अक्टूबर को मतदान हुए। पहले चरण में करीब 61 फीसद, दूसरे चरण में करीब 56 प्रतिशत और तीसरे एवं अंतिम चरण में करीब 69 फीसद मतदान हुआ। राज्य में इस बार मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन, पीडीपी और अपनी पार्टी के बीच है। इस बार बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में हैं। निर्दलीय प्रत्याशियों ने चुनाव को रोचक बनाया है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद राज्य में पहली बार विधानसभा चुनाव हुए हैं। चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हुए। सबसे खास बात यह है कि कहीं पर भी दोबारा मतदान कराने की जरूरत नहीं पड़ी।
सभी दलों ने मतदाताओं को रिझाने की कोशिश की
चुनाव प्रचार के दौरान सभी राजनीतिक दलों ने मतदातों को अपनी तरफ लुभाने की जी-तोड़ मेहनत की। नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी ने अनुच्छेद 370 की बहाली का वादा किया जबकि कांग्रेस ने कहा कि वह जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करेगी। भारतीय जनता पार्टी ने घाटी में आतंकवाद पर रोक और अपने विकास कार्यों का हवाला देकर वोट मांगे। चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी भी देखने को मिली। सभी ने अपने विरोधियों पर जमकर जुबानी हमले किए।
