भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा महिला दिवस से पूर्व देशभर की 200 ऐसी महिलाओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाई है। मंगलवार देर शाम नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में "सशक्त पंचायत-नेत्री अभियान" का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) एवं राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने सभी 200 महिलाओं को राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा। इन 200 महिलाओं में उत्तर प्रदेश से केवल जनपद बुलंदशहर की जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अंतुल तेवतिया को चुना गया था। कार्यक्रम में देशभर से 200 लोगों को सम्मानित किया गया, लेकिन उत्तर प्रदेश से केवल डॉ. अंतुल तेवतिया को यह गौरव प्राप्त हुआ। उनके सम्मान पर जिलेभर के प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने बधाई दी।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रहीं
डॉ. अंतुल तेवतिया पेशे से डॉक्टर हैं, लेकिन समाजसेवा के प्रति उनके जुनून ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। लंबे समय से वे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। डॉ. अंतुल तेवतिया ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उनके मिशन ने न केवल हजारों महिलाओं की जिंदगी संवार दी। 72 आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेकर उन्हें संवारने में लगीं डॉ. अंतुल छात्राओं को जागरूक करने, आत्मरक्षा की ट्रेनिंग देने और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास में लगी हैं।
यह बुलंदशहर के नागरिकों का सम्मान है-तेवतिया
उनके प्रयासों से कई महिलाएं 20 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक की मासिक आय अर्जित कर रही हैं। उनके नेतृत्व में बुलंदशहर जिला पंचायत उत्तर प्रदेश की पहली ऐसी जिला पंचायत बनी जिसे गुणवत्ता युक्त विकास कार्य करने और पर्यावरण के क्षेत्र में ISO: 9001: 2015 प्रमाण पत्र प्राप्त है। टाइम्स नाउ नवभारत से बातचीत में डॉ. अंतुल तेवतिया ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान पूरे जनपद बुलंदशहर के नागरिकों का सम्मान है। बता दें कि 2021 में निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बनने वाली डॉ अंतुल तेवतिया ने स्वरोजगार प्रशिक्षण, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा बहुओं के उत्थान के लिए कई योजनाएं चलाईं। उनका कहना है कि इस प्रोत्साहन से हर महिला को आत्मनिर्भर बनाने के उनके लक्ष्य को बल मिलेगा।
