BSP chief Mayawati: संसद से सांसदों के निलंबन पर विपक्ष को पहली बार मायावती का साथ मिला है। गुरुवार को बसपा प्रमुख मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा, संसद के दोनों सदनों से लभगग 150 सांसदों का निलंबन संसदीय इतिहास के लिए दुखद है। उन्होंने कहा, यह कोई गुडवर्क नहीं है और लोगों के विश्वास को आघात पहुंचाने वाला है। मायावती ने कहा, बिना विपक्ष के बिल पारित होना भी एक गलत परंपरा है।
इस दौरान मायावती ने निलंबित सांसदों द्वारा राज्ससभा के सभापति का संसद परिसर में मजाक उड़ाने का वीडियो वायरल करने को भी अशोभनीय बताया। उन्होंने कहा, संसदीय परंपरा को बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। इसके साथ ही मायावती ने संसद की सुरक्षा के चूक मामले पर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा, संसद की सुरक्षा में सेंध लगाना भी अति गंभीर व चिंतनीय है। इस मामले में सभी को संसद की सुरक्षा के प्रति ध्यान देना चाहिए। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप से काम नहीं चलेगा। जो भी इसके दोषी हैं, उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई भी होना जरूरी है। खुफिया विभाग को भी सतर्क रहने की जरूतर है, जिससे ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।
संसद से विजय चौक तक विपक्ष का कूच
वहीं दूसरी तरफ निलंबन के विरोध में इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद से विजय चौक तक पैदल कूच किया। इस दौरान विपक्षी सांसद हाथों में सरकार विरोधी तख्तियां लिए हुए दिखाई दिए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सदन के सभापति सदन चलने नहीं देना चाहते हैं, वे इस मुद्दे पर जाति लेकर आ गए हैं। उन्होंने कहा, आखिर हम सांसद संसद में नहीं बोलेंगे तो और कहां बोलेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पीएम मोदी सिर्फ रेडियो और टीवी पर बोलते हैं, लेकिन संसद में नहीं बोलते हैं।
