Brij Bhushan Singh Empire And Political Journey: दिल्ली पुलिस ने बृहस्पतिवार को भारतीय कुश्ती संघ के (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 1000 पेज की दो चार्जशीट दाखिल की है। एक चार्जशीट में 6 पहलवानों के आरोपों के आधार पर दाखिल की गई है। जबकि दूसरी में पुलिस ने नाबालिग के यौन शोषण के मामले में 550 पन्नों की क्लोजर रिपोर्ट दी है।
इसके पहले यौन शोषण के आरोपों से घिरे भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बीते रविवार को जिस आत्मविश्वास से कहा कि 2024 का लोकसभा चुनाव वह कैसरगंज से ही लड़ेंगे। उससे साफ है कि भले ही उन पर महिला पहलवानों ने गंभीर आरोप लगाएं हो और उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। इसके बावजूद उन्हें अपना फ्यूचर मजबूत दिखाई दे रहा है। सबसे अहम बात यह है कि बृजभूषण ने जब यह बयान दिया तो उस वक्त तक न तो भाजपा ने उन्हें पार्टी प्रत्याशी के रुप में घोषित किया है और न ही अभी चुनाव की कोई सुगबुगहाट है। साफ है कि बृजभूषण अपने इस बयान के जरिए जनता के साथ-साथ भाजपा को भी संदेश देना चाहते हैं। वह ताल ठोक कर मैदान में हैं और वह किसी भी हालत में अपने साम्राज्य को बिखरने नहीं देंगे।
कितना बड़ा है साम्राज्य
बृजभूषण सिंह के आत्मविश्वास की वजह गोंडा और उसके पास के जिलों में फैला उनका साम्राज्य है। एक इंटरव्यू में इस साम्राज्य का जिक्र करते वह बताते हैं कि उनके 50 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थान हैं। छह बार के सांसद,बृजभूषण सिंह ने 1991 में सांसद बनने के बाद नंदिनी इंटर कॉलेज से शुरूआत की थी। और आज गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर में उसकी झलक दिखती है। बृजभूषण सिंह के साम्राज्य की राजधानी की बात की जाय तो वह कैसरगंज है। जहां पर नंदिनी नाम से कई शैक्षणिक संस्थान है। इसके अलावा इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार कैसरगंज में होटल, शूटिंग रेंज एक राष्ट्रीय रेसलिंग अकादमी भी है।रिपोर्ट के अनुसार इन शैक्षणिक संस्थानों में करीब 80 हजार छात्र और 3500 से ज्यादा शिक्षक हैं।
कहां से मिलती है ऑक्सीजन
बृजभूषण सिंह एक इंटरव्यू में यह दावा करते हैं कि प्राइवेट सेक्टर में हम ही अकेले ऐसे आदमी हैं कि जिसके पास पूरे टीचर हैं और मेरे पचासों स्कूल-कॉलेज हैं। मैंने कोरोना काल में भी किसी के वेतन में कटौती नहीं की है। असल में भले ही बृजभूषण सिंह के सीधे नाम पर उनके कॉलेज न हो लेकिन उनका असर हर जगह दिखता है। और यहां पर पढ़ने आने वाले बच्चे और शिक्षक उनके लिए सबसे बड़े ऑक्सीजन हैं। इसी का परिणाम है कि बृजभूषण शरण सिंह लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं। उन्होंने 5 बार भाजपा के टिकट पर लोक सभा का चुनाव जीता है जबकि एक बार सपा के टिकट पर चुनाव जीता है।
कितनी दौलत के हैं मालिक
वैसे तो खुद ही एक इंटरव्यू में वह स्वीकारते हैं कि उनके 50 के करीब शैक्षणिक संस्थान है। लेकिन चुनावी हलफलनामें को देखा जाय तो एडीआर के अनुसार साल 2019 में उनके पास 9.89 करोड़ रुपये की संपत्ति थी। जिसमें से एक करोड़ रुपये की कृषि भूमि, 2.75 करोड़ रुपये की गैर कृषि भूमि और 2.62 करोड़ रुपये बैंकों में जमा थे। जाहिर है बाबरी मस्जिद केस और टाडा केस का सामना कर चुके बृजभूषण आगे कौन सा पहलवानी दांव चलेंगे इसी पर सबकी नजर रहेगी।
