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'हम इमरजेंसी लगाकर शासन नहीं कर सकते, यह कांग्रेस की संस्कृति'; Gen Z को लेकर अमित शाह की दो टूक

अमित शाह से जब Gen Z के नेतृत्व वाले आंदोलनों के सामाजिक और राजनीतिक असर को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों के विचार अलग-अलग हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर लोगों की राय सामने आना जरूरी है और सरकार को उसे सुनना चाहिए।

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अमित शाह ने कसा तंज।

पीएम मोदी के जन्मदिन को लेकर भाजपा 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान चलाने जा रही है। इसी को लेकर आज गृहमंत्री अमित शाह ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने सीमापार से घुसपैठ, चीन के साथ विवाद,NRC, समान नागरिक संहिता (UCC), आतंकवाद और देश की वैश्विक स्थिति समेत कई मुद्दों पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। इसके साथ ही शाह ने Gen Z के नेतृत्व में आंदोलनों और उनके सामाजिक-राजनीतिक प्रभाव पर भी बात की।

जेन जेड द्वारा चलाए जा रहे आंदोलनों और उसके प्रभावों को लेकर शाह ने उन्होंने कहा कि भारत लोकतंत्र है और यहां लोगों को अलग-अलग मुद्दों पर अपनी राय रखने और उसे व्यक्त करने का अधिकार है। शाह ने साफ कहा कि भाजपा सत्ता में है, लेकिन सरकार इमरजेंसी लगाकर शासन नहीं कर सकती। यह कांग्रेस की संस्कृति है, हमारी नहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा संवाद और चर्चा में विश्वास करती है।

अमित शाह से जब Gen Z के नेतृत्व वाले आंदोलनों के सामाजिक और राजनीतिक असर को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों के विचार अलग-अलग हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर लोगों की राय सामने आना जरूरी है और सरकार को उसे सुनना चाहिए।

अमित शाह का बयान ऐसे समय आया है जब युवाओं की राजनीतिक भागीदारी और सरकारों के प्रति उनकी अपेक्षाओं पर बहस तेज है। शाह ने संकेत दिया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार और जनता के बीच संवाद को ही आगे बढ़ने का रास्ता माना जाना चाहिए।

भाषा और क्षेत्रीय पहचान पर भी बोले शाह

अमित शाह ने प्रवास के कारण भाषा और क्षेत्रीय पहचान को लेकर होने वाले विवादों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मातृभाषा को प्राथमिकता देना सरकार की नीति है और संविधान में भी इस संबंध में राज्यों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि भाषा का मुद्दा कोई बड़ा विवाद बनेगा। हालांकि, कुछ लोग तनाव पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं और ऐसी स्थिति में इक्का-दुक्का घटनाएं हो सकती हैं। शाह ने कहा कि राज्यों के पास अनुभवी नेतृत्व है और वे ऐसे मामलों का समाधान निकाल सकते हैं।

घुसपैठियों पर भी दो टूक

अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर गृह मंत्री ने सरकार का रुख दोहराते हुए कहा कि हर अवैध घुसपैठिए की पहचान की जाएगी और उसे देश से बाहर निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार अपने इस संकल्प पर कायम है। चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर बातचीत को लेकर पूछे गए सवाल पर शाह ने कहा कि कुछ मामले संवेदनशील हैं और उनकी जानकारी सार्वजनिक करना राष्ट्रीय हित या सेना के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता से संवाद करती है और लोगों को सरकार पर पूरा भरोसा है।

2029 तक सभी NDA शासित राज्यों में UCC का दावा

समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर अमित शाह ने दावा किया कि कई राज्यों में इसे लागू किया जा चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2029 से पहले भाजपा नेतृत्व वाले NDA के शासन वाले सभी 21 राज्यों में UCC लागू कर दिया जाएगा। आतंकवाद पर उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।

'इंडिया फर्स्ट' हमारी नीति

अमित शाह ने 2014 से पहले की राजनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस समय देश की राजनीति भ्रष्टाचार, जातिवाद और परिवारवाद से प्रभावित थी। उनके मुताबिक, 2014 से 2026 के बीच देश प्रदर्शन और कामकाज की राजनीति की ओर बढ़ा है। उन्होंने कहा कि रक्षा नीति हो या विदेश नीति, सरकार का मूल मंत्र ‘इंडिया फर्स्ट’ है और देश का हित सर्वोपरि है। शाह ने दावा किया कि भारत ‘फ्रैजाइल फाइव’ अर्थव्यवस्थाओं की सूची से निकलकर दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है।
Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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