Suvendu Adhikari: बंगाल की कमान बीते 9 मई को अपने हाथ में लेने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पूरी तरह एक्शन मोड में हैं। करीब दो सप्ताह में उन्होंने राज्य में कई बड़े फैसलों को लागू कर अपने इरादे साफ कर दिए हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर उन्होंने निर्णायक फैसला लेते हुए राज्य में अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों की धरपकड़ के निर्देश दिए। बॉर्डर पर फेंसिंग के लिए उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (BSF) को जमीन आवंटित करने का काम शुरू किया। यही नहीं, उन्होंने राज्य में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और आयुष्मान योजना को भी लागू कर दिया है। इन दो सप्ताह में सुवेंदु सरकार द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय इस प्रकार हैं-
सुवेंदु सरकार के बड़े फैसले
- BSF को बॉर्डर फेंसिंग के लिए जमीन दी
- पश्चिम बंगाल में CAA लागू
- आयुष्मान भारत योजना को हरी झंडी
- जनगणना शुरू करने का फैसला
- सरकारी नौकरियों की उम्र सीमा में 5 साल की छूट
- IAS, IPS और WBPS अधिकारियों को केंद्रीय ट्रेनिंग
- बंगाल में भारतीय न्याय संहिता पूरी तरह लागू
- 2021 में चुनावी हिंसा में मारे गए BJP कार्यकर्ताओं के परिवारों को मदद
- धर्म आधारित कल्याणकारी योजनाएं जून से बंद
- जून से महिलाओं को 3,000 रुपए की आर्थिक मदद
- सरकारी बोर्डों, निगम और आयोग से मनोनीत अध्यक्ष और निदेशक बाहर
- बिना 'फिटनेस सर्टिफिकेट' के मवेशी-भैंस की हत्या पर प्रतिबंध
गैर-सहायता प्राप्त मदरसों पर भी लागू
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सभी मदरसों में प्रार्थना सभा के दौरान 'वंदे मातरम्’ का गायन तत्काल प्रभाव से अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में एक आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। मदरसा शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यह निर्देश सरकार के मॉडल मदरसों, सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों, अनुमोदित शिशु शिक्षा केंद्रों, माध्यमिक शिक्षा केंद्रों तथा अल्पसंख्यक मामलों एवं मदरसा शिक्षा विभाग के तहत आने वाले मान्यता प्राप्त गैर-सहायता प्राप्त मदरसों पर भी लागू होगा।
मदरसों में 'वंदे मातरम्’ का गायन अनिवार्य
अधिसूचना में कहा गया है, 'कक्षाओं की शुरुआत से पहले प्रार्थना सभा के दौरान 'वंदे मातरम्’ का गायन अनिवार्य किया जाता है।’ विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह निर्णय सभी संस्थानों में प्रार्थना सभा की प्रक्रियाओं में 'एकरूपता’ लाने के उद्देश्य से लिया गया है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में पकड़े गए बांग्लादेशी घुसपैठियों को अदालतों में पेश करने के बजाय बीएसएफ को सौंप दिया जाएगा। यह नियम एक दिन पहले लागू हुआ है।
बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ को सौंपा जाएगा
शुभेंदु ने हावड़ा जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में प्रशासनिक समीक्षा बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि इस संबंध में पुलिस आयुक्त और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा, 'कल से नया नियम लागू हो गया है, जिसके तहत घुसपैठियों को अदालतों में नहीं भेजा जाएगा, बल्कि बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ को सौंप दिया जाएगा।'
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