सूफी संवाद महा अभियान का मुख्य फोकस मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में रहेगा, ऐसी लोकसभा सीट जहां पर मुस्लिमों की आबादी 20 फ़ीसदी से अधिक होगी वहां पर इस कार्यक्रम को प्रमुखता से आयोजित किया जाएगा। इसमें उत्तर प्रदेश केरल बिहार पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में सघन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसको लेकर बीजेपी ने 150 नॉन पॉलिटिकल लोगों की एक टीम बनाई है, यह टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मुस्लिमों के लिए किए गए कामों के बारे में जानकारी देगी, इसके तहत लगभग 1 साल तक देशव्यापी विभिन्न संवाद कार्यक्रम चलाया जाएगा और इस साल के अंत में एक बड़ा कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किया जाएगा।
संवाद कार्यक्रम को स्थापित करने का आग्रह पार्टी के नेताओं से
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी की तेलंगाना कार्यसमिति में अल्पसंख्यक समुदाय तक अपनी पहुंच स्थापित करने की बात की थी, साथ ही साथ उन्होंने इस तरह की संवाद कार्यक्रम को स्थापित करने का आग्रह पार्टी के नेताओं से किया था।
दरसल बीजेपी का मानना है कि 2024 में 2014 और 2019 के अपेक्षा बड़ी जीत हासिल करने के लिए मुस्लिम समुदाय का समर्थन पार्टी हासिल कर सकती है, मोदी सरकार सबका साथ और सबका विकास के मंत्र पर काम करती है, इस प्रयास के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदाय के एक बड़े हिस्से को बीजेपी अपने पाले में कर सकती है।
