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भाजपा नेता सुरेंद्र पाल सिंह बिट्टू AAP में शामिल, तिमारपुर विधानसभा से मिल सकता है टिकट

Surendra Pal Singh Bittu joins AAP: सुरेंद्र पाल सिंह बिट्टू के आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में तिमारपुर से टिकट मिलने की संभावना बढ़ गई है। दरअसल, बिट्टू के पार्टी में शामिल होन से ठीक पहले तिमारपुर से आप विधायक दिलीप पांडे ने चुनाव न लड़ने की घोषणा की है।

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आप में शामिल हुए सुरेंद्र पाल सिंह बिट्टू।

Surendra Pal Singh Bittu joins AAP: दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं का पार्टी छोड़कर दूसरे में शामिल होने का सिलसिला जारी है। इस क्रम में भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। दो बार के विधायक रहे भाजपा नेता सुरेंद्र पाल सिंह बिट्टू शुक्रवार को आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।

बिट्टू के आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में तिमारपुर से टिकट मिलने की संभावना बढ़ गई है। दरअसल, बिट्टू के पार्टी में शामिल होन से ठीक पहले तिमारपुर से आप विधायक दिलीप पांडे ने चुनाव न लड़ने की घोषणा की है। ऐसे में माना जा रहा है कि दिल्ली पांडे की जगह पार्टी बिट्टू को टिकट दे सकती है। दरअसल, सुरेंद्र पाल सिंह बिट्टू तिमारपुर विधानसभा से दो बाद विधायक रह चुके हैं।

2017 में छोड़ी थी कांग्रेस

वरिष्ठ नेता सुरेंद्र पाल सिंह कांग्रेस के टिकट पर तिमारपुर विधानसभा से दो बार विधायक रह चुके हैं। 2017 में वह कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए थे। हालांकि, 2020 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले वह भाजपा में शामिल हो गए थे। तब उन्हें दिलीप पांडे के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। अब 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव में उन्हें आम आदमी पार्टी से टिकट मिलना तय माना जा रहा है।

दिलीप पांडे ने की चुनाव न लड़ने की घोषणा

बता दें, तिमारपुर विधानसभा से आम आदमी पार्टी के विधायक दिलीप पांडे ने इस बार चुनाव न लड़ने की घोषणा की है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि संगठन बनाने और फिर राजनीति में चुनाव लड़ने की जिम्मेदारी निभाने के बाद अब समय आ गया है कि आम आदमी पार्टी में रहकर कुछ और किया जाए। तिमारपुर विधानसभा में जो भी चुनाव लड़ेगा, अरविंद केजरीवाल ही दिल्ली का मुख्यमंत्री बनेगा और हम सब दिल्ली वाले मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि मेरे लिए राजनीति में होने का एकमात्र संतोष यह है कि हमारी सरकार की वजह से कई आम लोगों और गरीबों का जीवन आसान हुआ है और कई बच्चों का जीवन बेहतर होने की संभावनाएं बढ़ी हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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