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शिवसेना और भाजपा के बीच सबकुछ ठीक है? एकनाथ शिंदे के घर पहुंचे गिरीश महाजन; मतभेद पर दिया जवाब

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा? इस सवाल का जवाब 4 दिसंबर को मिल जाएगा। इस बीच एकनाथ शिंदे और भाजपा के बीच मदभेद की अटकलों पर पूर्व मंत्री गिरीश महाजन का जवाब आया है। उन्होंने बताया कि वे शिंदे की तबीयत की जानकारी लेने उनके घर पहुंचे थे।

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एकनाथ शिंदे

Photo : PTI

Eknath Shinde Health Updates: भाजपा नेता और पूर्व मंत्री गिरीश महाजन महाराष्ट्र के कार्यवाहक CM एकनाथ शिंदे से मिलने उनके ठाणे के घर पर पहुंचे। इस दौरान गिरीश महाजन ने कहा, एकनाथ जी की तबीयत खराब है। उन्हें गले में संक्रमण और बुखार है। उनकी तबीयत की जानकारी लेने मैं आया था। तीन-चार दिनों से उनसे मिलने का समय मांग रहा था, लेकिन वे गांव चले गए थे, इसलिए संपर्क नहीं हो पाया।

महायुति में सबकुछ ठीक है- गिरीश महाजन

भाजपा नेता गिरीश महाजन ने बताया कि गठबंधन में सबकुछ ठीक है, हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है। एकनाथ जी का स्वभाव बहुत ईमानदार और स्पष्ट है। उनकी तबीयत कल तक ठीक हो जाएगी, उसके बाद वे सरकारी बैठकें भी करेंगे। हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है।

मंत्रिमंडल विस्तार पर क्या बोले भाजपा नेता

गिरीश महाजन ने मंत्रिमंडल विस्तार पर कहा कि मेरी इस विषय में कोई चर्चा नहीं हुई है। यह निर्णय वरिष्ठ स्तर पर लिया जाएगा। मैंने इस बारे में एक शब्द भी नहीं कहा। मैं केवल उनकी तबीयत की जानकारी लेने आया था। उन्होंने बताया कि 6 दिसंबर की तैयारियों को लेकर बैठक होगी। अभी उन्हें सलाइन दी जा रही है। कल से एकनाथ जी खुद सभी चीजों की अगुवाई करेंगे। हम सभी एक साथ हैं।

भाजपा नेता ने एक सवाल के जवाब में कहा कि शपथग्रहण समारोह की जगह देखने के लिए चंद्रशेखर बावनकुले अचानक गए थे। समन्वय में थोड़ी कमी रही, यह सही है। कल हम सभी साथ जाएंगे। 5 तारीख का शपथग्रहण समारोह शानदार होगा। विपक्ष को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रण देने के मामले पर उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल के अनुसार, उन्हें बुलाना अनिवार्य है।

विभागों के बंटवारे पर भाजपा नेता का बयान

दिल्ली में बैठक को लेकर चल रही अटकलों पर गिरीश महाजन ने कहा कि 'दिल्ली में कोई बैठक नहीं हो रही है। यह चर्चा भी नहीं हुई कि कौन से विभाग किसके पास रहेंगे। विभागों के बंटवारे पर उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैं छोटा कार्यकर्ता हूं। हमारे वरिष्ठ नेता देवेंद्र जी, अजित दादा और एकनाथ जी इस पर फैसला करेंगे। हमने लगभग सवा घंटे तक बहुत सकारात्मक माहौल में चर्चा की। आने वाले पांच सालों तक तीनों गठबंधन दल मिलकर काम करेंगे।'

श्रीकांत शिंदे ने उपमुख्यमंत्री पद को लेकर क्या कहा?

महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पुत्र और शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने सोमवार को राज्य की नवगठित सरकार में खुद को उपमुख्यमंत्री का पद मिलने संबंधी अटकलों को निराधार और झूठा बताकर खारिज कर दिया। ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सांसद ने यह भी कहा कि इस साल की शुरुआत में हुए लोकसभा चुनाव के बाद उनके पास केंद्र में मंत्री बनने का मौका था, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया और वह पार्टी संगठन के लिए काम करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।

महाराष्ट्र चुनाव में महायुति की भारी जीत के एक सप्ताह से अधिक समय बाद भी राज्य में नई सरकार का शपथ ग्रहण होना अभी बाकी है। महायुति के घटक दलों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 132 सीट के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि शिवसेना को 57 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को केवल 41 सीट मिलीं। महायुति सरकार का शपथ ग्रहण समारोह पांच दिसंबर की शाम को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में मुंबई के आजाद मैदान में होगा। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने रविवार रात दावा किया कि महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री के रूप में देवेन्द्र फडणवीस का नाम तय हो गया है। नई सरकार के गठन के तरीके से नाखुश होने की अटकलों के बीच एकनाथ शिंदे शुक्रवार को सतारा जिले में अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हो गए। कार्यवाहक मुख्यमंत्री रविवार दोपहर ठाणे पहुंचे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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