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BJP वॉशिंग मशीन है ...अजित पवार की बगावत के बाद AIMIM नेता वारिस पठान का तंज

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 3, 2023, 07:20 AM IST

Maharashtra Political Crisis: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) नेता वारिस पठान ने कहा, भारतीय जनता पार्टी एक वॉशिंग मशीन है, जो कोई भी इसमें जाता है, उसे अपने गलत कामों से क्लीन चिट मिल जाती है।

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AIMIM नेता वारिस पठान

Photo : ANI

Maharashtra Political Crisis: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP)के नेता अजित पवार की बगावत के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) नेता वारिस पठान ने तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि एनसीपी अब महाराष्ट्र में भाजपा की 'बी टीम' बन गई है। वारिस पठान ने कहा, अजित पवार फिर से देवेंद्र फडणवीस के पास गए, 30 विधायक उनके साथ थे। ये लोग सत्ता के लिए कुछ भी कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा, हो सकता है शरद पवार भी यही चाहते हों।

वारिस पठान यहीं नहीं रुके। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा। कहा, भाजपा एक वॉशिंग मशीन है, जो कोई भी इसमें जाता है, उसे अपने गलत कामों से क्लीन चिट मिल जाती है। AIMIM प्रवक्ता ने कहा, अब 70 हजार करोड़ रुपये के घोटाले का क्या होगा? पीएम मोदी ने दो दिन पहले कहा था कि एनसीपी सबसे भ्रष्ट पार्टी है। महाराष्ट्र के लोग सब देख रहे हैं।

सुप्रिया सुले बोलीं- नहीं बदलेगा रिश्ता

अजित पवार के एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होने के बाद एनसीपी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि जो कुछ भी हुआ वह दर्दनाक है। शरद पवार ने सभी के साथ एक परिवार की तरह व्यवहार किया और वह हमारे वरिष्ठ नेता हैं, मुझे नहीं लगता कि उनके बयान के बाद बोलना सही होगा। उन्होंने आगे कहा, अजित पवार का यह कदम उनका अपना फैसला है। अजित पवार के साथ मेरा रिश्ता नहीं बदलेगा, वह हमेशा मेरे बड़े भाई रहेंगे। हम पार्टी का पुनर्निर्माण करेंगे।

एनसीपी के नौ विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिका

इस बीच एनसीपी नेता अजित पवार और पार्टी के आठ अन्य नेताओं के महाराष्ट्र में शिवसेना-भाजपा गठबंधन में शामिल होने के बाद, पार्टी ने अपने नौ नेताओं के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के पास अयोग्यता याचिका दायर की है। एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने कहा, हमने विधानसभा अध्यक्ष के पास अयोग्यता याचिका दायर की है और हम जल्द से जल्द इसकी हार्ड कॉपी भेजेंगे। यह अयोग्यता याचिका नौ नेताओं के खिलाफ दायर की गई है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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