बीजेपी ने गुरुवार को दावा किया कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और उनके पति रॉबर्ट वाड्रा उत्तराखंड में चार एकड़ जमीन हड़पने की कथित कोशिश में शामिल थे। इस जमीन पर रहने वाली 90 साल की महिला को प्रॉपर्टी खाली करने की धमकी दी जा रही थी। कांग्रेस, प्रियंका गांधी वाड्रा या रॉबर्ट वाड्रा की ओर से इस पर कोई तुरंत प्रतिक्रिया नहीं आई।
यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि गांधी-वाड्रा परिवार का असली काम राजनीति नहीं, बल्कि 'लोगों की जमीन हड़पना' है।
जमीन का मूल लीज स्वर्गीय कुलसुम खान के नाम पर
उन्होंने कहा कि रॉबर्ट की भाभी सायरा वाड्रा उत्तराखंड के उधम सिंह नगर ज़िले के किच्छा में चार एकड़ जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रही हैं। जमीन का मूल लीज स्वर्गीय कुलसुम खान के नाम पर है और अभी इस प्रॉपर्टी पर उनकी 90 साल की बहन नसरीन खान का कब्जा है।भंडारी ने कहा कि किच्छा से कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ बुधवार देर रात करीब 100 समर्थकों के साथ प्रॉपर्टी पर पहुंचे और नसरीन खान को धमकी दी कि अगर उन्होंने ज़मीन खाली नहीं की तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कानूनी रास्ते काम नहीं आते तो कांग्रेस नेता कब्ज़ा करने वाले को डराते-धमकाते हैं।
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'प्रियंका वाड्रा और रॉबर्ट वाड्रा उनके पीछे हैं'
बीजेपी नेता ने दावा किया, 'जब उन्हें एहसास हुआ कि सायरा वाड्रा कानूनी रास्ते से ज़मीन का कब्ज़ा नहीं ले सकतीं, तो उन्होंने कब्ज़ा करने वाली महिला को डराया-धमकाया। वह (सायरा वाड्रा) तो बस एक चेहरा हैं, जबकि प्रियंका वाड्रा और रॉबर्ट वाड्रा उनके पीछे हैं।' यह दावा करते हुए कि उनका आरोप नसरीन खान के अपने बयान पर आधारित है, भंडारी ने कहा कि बुज़ुर्ग महिला ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर प्रॉपर्टी वाड्रा परिवार को सौंपने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा, 'यह मेरा आरोप नहीं है। नसरीन खान ने खुद कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता उनकी प्रॉपर्टी पर कब्ज़ा करने और उसे वाड्रा परिवार को सौंपने के लिए उनके खेत पर आए थे। उन्होंने सिर्फ़ सायरा वाड्रा का नहीं, बल्कि वाड्रा परिवार का नाम लिया है।' भंडारी के अनुसार, नसरीन खान ने यह भी आरोप लगाया कि सायरा वाड्रा और उनके पति सिकंदर आलम उन पर एक 'झूठे हलफनामे' पर दस्तखत करने का दबाव डाल रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाया, 'अगर वे कानूनी तौर पर कब्ज़ा नहीं ले पाते क्योंकि ज़मीन का असली कागज़ात उनके पक्ष में नहीं है, तो वे गुंडों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और यहां तक कि एक कांग्रेस विधायक को असली कब्ज़ेदार को धमकाने के लिए भेजते हैं ताकि ज़मीन खाली हो जाए। इस मामले में भी हम यही तरीका देख रहे हैं।'
'बात सिर्फ़ कांग्रेस विधायक तक ही सीमित नहीं'
भंडारी ने कहा, 'बात सिर्फ़ कांग्रेस विधायक तक ही सीमित नहीं है। बात प्रियंका गांधी वाड्रा तक जाती है। हम जानना चाहते हैं कि विधायक को 100 से ज़्यादा लोगों के साथ देर रात प्रॉपर्टी पर पहुंचने और कथित तौर पर 90 साल की महिला को धमकाने के लिए किसने कहा था।' इस मामले में प्रियंका गांधी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा, 'क्या प्रियंका गांधी वाड्रा ने कांग्रेस विधायक को फ़ोन करके कहा था कि वे 90 साल की मुस्लिम महिला को डरा-धमकाकर उनकी भाभी को जमीन का कब्जा दिलाएं?' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक की हरकतें भारतीय न्याय संहिता की धारा 351 के तहत आपराधिक धमकी की श्रेणी में आती हैं।
