स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत की युवा तीरंदाज कुमकुम मोहोद ने महिलाओं के इंडिविजुअल रिकर्व फाइनल में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वह इस इवेंट में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला तीरंदाज बनीं। गोल्ड मेडल जीतने के साथ ही कुमकुम ने ओलंपिक 2028 के लिए भी क्वालिफाई कर गईं और कोटा हासिल किया।
17 साल की कुमकुम फाइनल मुकाबले में साउथ कोरिया की तीरंदाज ओह ये जीन रोमांचक शूटऑफ में हराया। इससे पहले कुमकुम मोहोद ने चीन की झू जिंगयी को 6-2 से हराकर महिलाओं के इंडिविजुअल रिकर्व फाइनल में जगह बनाई, जिससे भारत को एशियन गेम्स में तीरंदाजी का एक और मेडल पक्का हो गया। 17 साल की कुमकुम ने क्वार्टर फाइनल में साउथ कोरिया की मौजूदा वर्ल्ड और पूर्व ओलंपिक चैंपियन कांग चाएयंग को हराने के बाद इंडिविजुअल इवेंट में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा।
रोमांचक रहा फाइनल
फाइनल मुकाबले में कुमकुम ने पहला सेट दो अंक से गंवा दिया था। हालांकि, दूसरे सेट में वापसी करते हुए बराबरी की। इसके बाद तीसरा सेट 1 अंक से जीता। चौथे सेट में वह फिर एक अंक से पीछे रह गईं थी। पांचवें सेट में बराबरी करने के लिए उन्हें दो अंक की बढ़त हासिल करनी थी। यहीं उनकी किस्मत और धैर्य ने साथ दिया। साउथ कोरिया की खिलाड़ी ने गलती और कुमकुम ने अपनी नर्वस को कंट्रोल किया और 30 का स्कोर कर स्कोर-5-5 से बराबर कर मैच शूट ऑफ में पहुंच दिया।
रचा इतिहास
शूटऑफ में कोरियाई खिलाड़ी ने 8 का स्कोर किया। कुमकुम ने फिर से अपनी नर्वस पर कंट्रोल किया और 10 का स्कोर पर इतिहास रच दिया। वह महिलाओं की इंडिविजुअल रिकर्व में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। इससे पहले एशियन गेम्स के इस इवेंट में भारत ने कभी कोई मेडल नहीं जीता था। कुमकुम ने एशियन गेम्स में अपना तीसरा मेडल जीता। इससे पहले कुमकुम ने विमेंस कंपाउंड में गोल्ड और मिक्स्ड टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीते हैं।
