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BJP ने राहुल गांधी पर लगाया संसद में झूठ बोलने का आरोप, दिलाई UPA शासन की याद

भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि यह समिति नए कानून बनने तक अस्थायी रूप से बनाई गई थी। कांग्रेस के प्रधानमंत्री अब तक चुनाव आयुक्तों की सीधे नियुक्ति करते रहे हैं। क्या राहुल गांधी अपना यूपीए शासन भूल गए?

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राहुल गांधी (फाइल फोटो)

भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भाजपा के हैंडल से कहा गया कि राहुल गांधी संसद में झूठ बोलते हैं। इसके साथ ही पार्टी ने 'एक्स' पर संसद में राहुल गांधी के संबोधन का एक वीडियो भी शेयर किया है।

भाजपा ने कहा कि चुनाव आयुक्तों का चयन मुख्य न्यायाधीश और विपक्ष के नेता वाली समिति द्वारा किया जाता था। क्या राहुल गांधी कांग्रेस सरकार के दौरान किसी ऐसे चुनाव आयुक्त का नाम बता सकते हैं, जिसे मुख्य न्यायाधीश या विपक्ष के नेता वाली समिति द्वारा चुना गया हो? भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि यह समिति नए कानून बनने तक अस्थायी रूप से बनाई गई थी। कांग्रेस के प्रधानमंत्री अब तक चुनाव आयुक्तों की सीधे नियुक्ति करते रहे हैं। क्या राहुल गांधी अपना यूपीए शासन भूल गए?

सोशल मीडिया पोस्ट में आगे कहा गया कि 2005 में सोनिया गांधी ने नवीन चावला को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया। सोनिया के पास क्या अधिकार थे? 2012 में 2014 के लोकसभा चुनावों की देखरेख के लिए नए मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति होनी थी।सत्तारूढ़ दल ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी ने कांग्रेस को मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन के लिए एक कॉलेजियम बनाने का सुझाव दिया था। कांग्रेस ने इसे नजरअंदाज कर दिया और सीधे वीएस संपत को मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त कर दिया और राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से तुरंत मंजूरी भी ले ली।

भाजपा ने आरोप लगाया कि नियुक्ति में विपक्ष को भी विश्वास में नहीं लिया गया। आज विपक्ष के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन के लिए बनी समिति का हिस्सा हैं। नए मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन में रचनात्मक सहयोग देने के बजाय राहुल गांधी सिर्फ नाटक कर रहे हैं।

दरअसल, भाजपा द्वारा शेयर किए वीडियो में राहुल गांधी मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से सवाल किया है कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त और दूसरे चुनाव आयुक्तों को चुनने वाले पैनल से चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को हटाने पर इतने आमादा क्यों हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सीजेआई को सिलेक्शन पैनल से क्यों हटाया गया। क्या उनको सीजेआई पर भरोसा नहीं है?

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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