Protest Against Manan Mishra: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन और राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा के खिलाफ वकीलों और कानून के छात्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। हैदराबाद स्थित प्रतिष्ठित NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों से जुड़े विवाद के बाद अब ऑल इंडिया यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन (AIYAA) ने उनके खिलाफ पूर्ण विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस विरोध को राजनीतिक और कानूनी गलियारों में उस समय और गति मिली जब 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने इसे 'लीगल कॉकरोचेस' का प्रतीकात्मक व सशक्त प्रदर्शन करार दिया।
प्रदर्शन का समय और स्थान
नई दिल्ली स्थित बार काउंसिल ऑफ इंडिया के मुख्यालय पर सुबह 10 बजे से विरोध प्रदर्शन तय किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में युवा वकीलों और छात्रों के जुटने की संभावना है। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि BCI जैसे सर्वोच्च संस्थागत पद की गरिमा बनाए रखने के लिए मनन कुमार मिश्रा को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
प्रमुख संगठनों का समर्थन
CJP की लीगल अफेयर्स प्रमुख रत्ना सिंह और प्रवक्ता सौरव दास ने साझा बयान जारी कर कहा कि प्रशासनिक मनमानी के खिलाफ आवाज उठाना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। इसके अलावा बॉम्बे बार एसोसिएशन (BBA) समेत कई वरिष्ठ वकील संस्थाओं ने भी मनन मिश्रा के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया है।
विवाद की मुख्य वजह
यह पूरा विवाद तब खड़ा हुआ जब BCI ने एक विवादित आदेश जारी करते हुए NALSAR के 2026 बैच के छात्रों का नामांकन रोकने का फैसला सुना दिया। इस फैसले का पूरे देश के कानूनी समुदायों में कड़ा विरोध हुआ, जिसके दबाव में आकर BCI को महज कुछ ही घंटों के भीतर अपना फैसला वापस लेना पड़ा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मनन मिश्रा ने सार्वजनिक रूप से NALSAR के छात्रों से माफी भी मांगी थी, लेकिन युवा वकीलों और छात्र संगठनों का कहना है कि महज माफी मांग लेना ही काफी नहीं है; संस्थागत जवाबदेही तय करने के लिए नेतृत्व में बदलाव जरूरी है।
