देश

CEC, अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाला बिल लोकसभा से भी पारित, विधेयक का विरोध कर चुका है विपक्ष

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 21, 2023, 03:37 PM IST

Bill to appoint Chief Election Commissioner: लोकसभा में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विपक्ष के इन आरोपों का खंडन किया कि यह विधेयक मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्तियों से संबंधित उच्चतम न्यायालय के एक फैसले को दरकिनार करने के लिए लाया गया है।

Image

लोकसभा का शीतकालीन सत्र 22 दिसंबर को समाप्त हो रहा है।

Photo : PTI

Bill to appoint Chief Election Commissioner: मुख्य चुनाव आयुक्त एवं अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति एवं सेवा शर्तों से जुड़ा विधेयक गुरुवार को लोकसभा में ध्वनिमत से पारित हो गया। यह विधेयक राज्यसभा से पहले ही पारित हो चुका है। इस विधेयक को लेकर विपक्ष ने आपत्ति उठाई थी। राज्यसभा में यह विधेयक पारित करने के लिए जब लाया गया तब विपक्ष सदन से बहिर्गमन कर गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव आयोग को अपनी कठपुतली बनाना चाहती है। उसने इस विधेयक को असंवैधानिक, मनमाना और अनुचित बताते हुए विरोध किया।

लोकसभा में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विपक्ष के इन आरोपों का खंडन किया कि यह विधेयक मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्तियों से संबंधित उच्चतम न्यायालय के एक फैसले को दरकिनार करने के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा, ‘यह विधेयक जो हम लाए हैं वह उच्चतम न्यायालय के खिलाफ नहीं है। इसे उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार लाया गया है। यह अनुच्छेद 324(2) के तहत सूचीबद्ध प्रावधानों के अनुसार है। यह संविधान के अनुच्छेद 50 के तहत सूचीबद्ध शक्तियों के पृथक्करण का भी अनुसरण करता है।’

सर्च कमेटी में पीएम होंगे

मेघवाल ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने गत मार्च में फैसला सुनाया था कि सीईसी और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर संसद द्वारा कानून बनाए जाने तक प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली तीन-सदस्यीय समिति इनका चयन करेगी। मेघवाल ने ‘सर्च कमेटी’ में प्रधानमंत्री को शामिल किये जाने को लेकर एक सदस्य की टिप्पणी पर कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति कार्यपालिका का मामला है और ऐसे में प्रधानमंत्री का न होना उचित नहीं होगा।

पीएम करते हैं आंबेडकर का सबसे ज्यादा सम्मान-मेघवाल

उन्होंने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मस्लिमीन के असदुद्दीन ओवैसी के उस आरोप का खंडन किया जिसमें ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संविधान निर्माता बाबासाहेब भीम राव आंबेडकर का सम्मान नहीं करते। कानून मंत्री ने कहा, ‘आंबेडकर का सम्मान प्रधानमंत्री (मोदी) जितना करते हैं, उतना आज तक किसी अन्य प्रधानमंत्री ने नहीं किया।’उन्होंने अपनी इस टिप्पणी के समर्थन में मोदी सरकार द्वारा आंबेडकर से संबंधित महत्वपूर्ण स्थलों के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘यही समय है, सही समय है, भारत का अनमोल समय है।’ उन्होंने कहा कि 1991 में एक कानून बना, लेकिन उसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति का उल्लेख नहीं था।

उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश जैसा मिलेगा वेतन

मेघवाल ने कहा कि विधेयक में एक सरकारी संशोधन के तहत ‘सर्च कमेटी’ की अध्यक्षता अब कैबिनेट सचिव की जगह कानून मंत्री करेंगे, जिसमें दो सचिव सदस्य होंगे। कानून मंत्री ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों के खिलाफ अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए की गई कार्रवाई के लिए कानूनी कार्यवाही शुरू करने से संरक्षण से संबंधित एक नया प्रावधान भी संशोधनों के माध्यम से इसमें जोड़ा गया है। मंत्री के मुताबिक विधेयक में सीईसी और निर्वाचन आयुक्तों को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के समान वेतन मिलने का प्रावधान है।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!