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बिहारः क्या फिर सही साबित होंगे सुशील कुमार मोदी? JD(U) को लेकर अब कर दी यह 'भविष्यवाणी'

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Dec 30, 2023, 08:51 AM IST

Bihar Politics: बिहार के पूर्व डिप्टी-सीएम ने यह दावा भी किया कि ललन सिंह चुप बैठने वाले नहीं हैं। ऐसे में वह कुछ और गुल खिलाएंगे। जदयू को अब उनसे और सावधान रहने की जरूरत है।

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बिहार के सीएम नीतीश कुमार, बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी और जेडी(यू) के पूर्व अध्यक्ष ललन सिंह। (फाइल)

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो

Bihar Politics: बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सीनियर नेता और पूर्व डिप्टी-सीएम सुशील कुमार मोदी ने जनता दल (यूनाइटेड) को लेकर फिर से बड़ा दावा किया है। आशंका जताते हुए उन्होंने कहा है कि राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के हटने के बाद जद(यू) में टूट होगी।

वह बोले हैं कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मिलकर जद(यू) को तोड़ने में लगे ललन को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाए जाने की उनकी भविष्यवाणी सप्ताह भर के भीतर सच हुई, पर यह खेल की शुरुआत है...अंत नहीं। अब पार्टी का टूटना तय है।

सुशील मोदी के मुताबिक, सिंह के हटने की खबरों को जो लोग ' मीडिया और भाजपा का खेल' बता रहे थे, उन्हें अब कुछ दिन मुंह छिपाना पड़ेगा। ललन को हटाए जाने पर जद(यू) कार्यालय में मिठाइयां बांटकर और पटाखे छोड़कर कार्यकर्ताओं ने ऐसी खुशी मनाई, जैसे उन्हें किसी गलत आदमी से मुक्ति मिल गई हो।

उन्होंने दावा किया कि जद(यू) में दो गुट बन चुके हैं। एक खेमा लालू समर्थक है, जिसके 12 से ज्यादा विधायकों को ललन पीछे खड़ा कर चुके थे। दूसरा गुट भाजपा के प्रति सद्भाव रखता है। अगर समय रहते सिंह को नहीं हटाया गया होता, तो वे लालू के एजेंट के तौर पर काम करते हुए जद(यू) का राजद में विलय करा कर ही मानते।

दरअसल, सुशील कुमार मोदी ही वह पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने सबसे पहले यह भविष्यवाणी की थी कि ललन जेडी(यू) चीफ पद से इस्तीफा दे देंगे। ऐसे में सूबे ही नहीं बल्कि दिल्ली के भी सियासी गलियारों में चर्चा का बाजार गर्म है कि क्या फिर से उनका अंदाजा सही निकलेगा।

बिहार में सत्तारूढ़ (जदयू) की कमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभालने के बाद फिर से सवाल उठा है कि क्या सुशासन कुमार फिर से पलटी मार कर महागठबंधन को छोड़कर भाजपा के साथ एनडीए में जाएंगे? हालांकि, इन अटकलों के बीच भाजपा ने साफ कर दिया है कि कुमार के लिए भाजपा के साथ आने के सभी दरवाजे बंद हो चुके हैं।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ता author

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