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'दाल में कुछ काला है...' पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव का EC पर आरोप, बिहार में SIR का पहला चरण पूरा

Bihar Polls: पप्पू यादव ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के पहले चरण को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ने जल्दबाजी में 22 लाख मृत वोटरों सहित 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू की।

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पप्पू यादव ने SIR को लेकर चुनाव आयोग पर साधा निशाना

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Bihar Polls: पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन यादव उर्फ पप्पू यादव ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहले चरण को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ने जल्दबाजी में 22 लाख मृत वोटरों सहित 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू की, जिसे वे लोकतंत्र के लिए खतरा मानते हैं। सोमवार को आईएएनएस से बातचीत के दौरान पप्पू यादव ने कहा कि छह महीने पहले तक चुनाव आयोग को 22 लाख मृत वोटरों की जानकारी नहीं थी, फिर इतनी जल्दी इतनी बड़ी संख्या में मृतकों की पहचान कैसे हुई? उन्होंने इस प्रक्रिया को संदिग्ध बताते हुए ‘दाल में कुछ काला’ होने का इशारा किया। उन्होंने चुनाव आयोग की ओर से वोटरों के नाम काटे जाने की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी बताई। उनका कहना है कि बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में या पलायन करने वाले मतदाताओं से संपर्क नहीं किया, और बिना सत्यापन के फॉर्म भरे गए। पप्पू यादव ने कहा कि 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होनी है, और यह लोकतंत्र को बचाने का एकमात्र रास्ता है।

सांसद का दावा है कि एसआईआर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में ‘पिछले दरवाजे’ से सेटिंग का हिस्सा हो सकती है। उन्होंने मांग की कि 92 प्रतिशत मतदाताओं की ओर से जमा किए गए फॉर्मों के हस्ताक्षरों की जांच हो, क्योंकि कई जगहों पर मतदाताओं को बिना उनकी सहमति के फॉर्म भरे जाने की शिकायतें हैं। 'ऑपरेशन सिंदूर' पर संसद में होने वाली चर्चा को लेकर उन्होंने सरकार पर राजनीतिकरण का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना पर पूरे देश को गर्व है, और विपक्ष इसका सम्मान करता है। लेकिन सरकार को सेना की उपलब्धियों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। पप्पू यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पूरे विपक्ष की मांग को दोहराया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' पर संसद में होने वाली चर्चा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहकर जवाब देना चाहिए। विपक्ष चाहता है कि सरकार इस मुद्दे पर पारदर्शी और स्पष्ट जवाब दे।

मैं तेज प्रताप का प्रवक्ता नहीं हूं: पप्पू यादव

तेज प्रताप यादव के निर्दलीय चुनाव लड़ने के ऐलान पर पप्पू यादव ने कहा कि मैं न तो तेज प्रताप का प्रवक्ता हूं और न ही किसी भी तरह से उनसे जुड़ा हूं। हर व्यक्ति चुनाव लड़ने या पार्टी बनाने के लिए स्वतंत्र है। विचारधाराएं अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन भाजपा का विरोध करने वाले पूरी तरह से इंडिया ब्लॉक के साथ हैं। तेज प्रताप एक व्यक्ति के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं; कुछ लोग भावनाओं में बहकर उन्हें वोट दे सकते हैं, क्योंकि वह लालू यादव के बेटे हैं, लेकिन इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस बार गरीबों, वंचितों, और पिछड़े-अति पिछड़ों ने मन बना लिया है कि इस बार इंडिया ब्लॉक की सरकार बनानी है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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