Bihar Assembly Election 2025 : बिहार में विधानसभा चुनाव का समय जैसे-जैसे करीब आ रहा है, राजनीतिक दल अपनी चुनावी अभियान को आगे बढ़ाने में जुटे हैं। बात सीट बंटवारे तक पहुंच चुकी है। बिहार में इस बार भी मुख्य मुकाबला भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेतृत्व वाले महागठबंधन के बीच होना है। इसी क्रम में बुधवार को पटना में महागठबंधन में शामिल दलों की बैठक हुई। राजद के विश्वस्त्र सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में सीट बंटवारे पर मंथन और चर्चा हुई।
134 से 139 सीटों पर चुनाव लड़ सकता है राजद
सूत्रों के मुताबिक महागठबंधन का सबसे बड़ा दल राजद विधानसभा की 243 सीटों में से 134 से 139 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। वह अपने सहयोगियों के लिए 5 से 10 सीटें छोड़ सकता है। पिछली बार 2020 विधानसभा चुनाव में राजद ने 144 सीटों पर चुनाव लड़ा था जिसमें से 75 सीटों पर उसे जीत हासिल हुई थी।
कांग्रेस को इस बार मिल सकती हैं 50 से 54 सीटें
सूत्रों के मुताबिक पिछली बार 70 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस को इस बार कम सीटें मिल सकती हैं, उसे 50 से 54 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है। यानी कांग्रेस को 15 से 20 सीटों की कुर्बानी देनी पड़ सकती है। वहीं, विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के मुखिया मुकेश सहनी इस बार अपने लिए 60 सीटें मांग रहे हैं लेकिन उन्हें 18 से 20 सीटें मिल सकती हैं। जबकि वाम दलों को 29 से 34 सीटें दिए जाने पर मंथन हुआ। खास बात यह है कि पिछली बार लेफ्ट पार्टियों ने 29 सीटों पर चुनाव लड़ा था। भाकपा माले ने 19 सीटों पर चुनाव लड़ा और उसने 2 सीटों पर जीत हासिल की थी। तो वहीं पशुपति कुमार पारस की लोजपा को 4-5 सीटें दी जा सकती हैं।
महागठबंधन की अब तक 5 बैठकें हुईं
एनडीए की तरह महागठबंधन में भी सीट बंटवारे पर पेच फंसा हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने लिए महागठबंधन की समन्वय समिति की अब तक पांच बैठकें हो चुकी हैं। सीट बंटवारे पर राजद नेता एवं बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि 'महागठबंधन के दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर बातचीत हुई। सभी दलों ने उन सीटों की सूची साझा की जिन पर वे चुनाव लड़ना चाहते हैं।' तेजस्वी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सीट बंटवारा सहमति से सुलझ जाएगा। बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवंबर में होंगे।
