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सैफ अली खान पर हमला करने वाले के बारे में बड़ा खुलासा, पत्नी करीना ने पुलिस को बताया सबकुछ

Kareena Kapoor Khan Statement: अभिनेता सैफ अली खान की हालत फिलहाल कैसी है? इस सवाल का जवाब डॉक्टर ने दिया है। इसी बीच सैफ की पत्नी करीना ने पुलिस को बताया कि हमलावर आक्रामक था लेकिन उसने आभूषणों को हाथ नहीं लगाया। वहीं चिकित्सक का कहना है कि सैफ की हालत में सुधार हो रहा है, दो से तीन दिन में छुट्टी मिलने की उम्मीद है।

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सैफ अली खान के हमलावर के बारे में करीना ने बताई बड़ी बात।

Photo : Times Now Digital

Saif Ali Khan Attacked Case: अभिनेता सैफ अली खान की पत्नी एवं अभिनेत्री करीना कपूर खान ने पुलिस को बताया है कि मुंबई में उनके घर में घुसने वाला हमलावर हाथापाई के दौरान आक्रामक हो गया था लेकिन उसने वहां रखे आभूषणों को हाथ तक नहीं लगाया। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने बृहस्पतिवार तड़के खान दंपति के बांद्रा स्थित अपार्टमेंट में हुई घटना के सिलसिले में करीना के बयान दर्ज किए हैं।

करीना कपूर ने हमलावर के बारे में पुलिस को बताया

एक हमलावर ने सतगुरु शरण बिल्डिंग की 12वीं मंजिल पर स्थित खान (54) के अपार्टमेंट में घुसकर उनपर पर हमला कर दिया था। हमलावर ने अभिनेता की गर्दन सहित कई जगहों पर चाकू से वार किए थे। खान को लीलावती अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी सर्जरी की गई। अधिकारी ने बताया कि करीना ने अपने बयान में कहा कि सैफ के साथ हाथापाई के दौरान हमलावर बहुत आक्रामक हो गया था और उसने सैफ पर कई बार चाकू से वार किया। हालांकि, उसने खुले में रखे आभूषणों को हाथ तक नहीं लगाया।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने अभी खान के बयान दर्ज नहीं किए हैं। अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद करीना की बहन एवं अभिनेत्री करिश्मा कपूर उन्हें खार स्थित उनके घर ले गईं। हमलावर के बारे में जानकारी जुटाने के लिए पुलिस ने 30 से अधिक टीम गठित की हैं। हमलावर घटना के 48 घंटे बाद भी फरार है।

लीलावती अस्पताल पहुंचीं सैफ की पत्नी करीना कपूर

अभिनेत्री करीना कपूर खान मुंबई के लीलावती अस्पताल पहुंचीं। सैफ अली खान पर हुए हमले के बाद उन्हें यहां भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उनकी हालत में सुधार है और उन्हें आईसीयू से सामान्य कमरे में शिफ्ट कर दिया गया है।

फिलहाल कैसे ही सैफ अली खान की हालत?

बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान की हालत में सुधार हो रहा है और दो से तीन दिन में उन्हें छुट्टी मिलने की उम्मीद है। चिकित्सकों ने शनिवार को यह जानकारी दी। सैफ के मुंबई स्थित घर में एक घुसपैठिए ने चाकू से ताबडतोड़ हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। खान (54) पर बृहस्पतिवार की सुबह बांद्रा में 12वीं मंजिल स्थित उनके फ्लैट में एक व्यक्ति ने चाकू से कई बार वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अभिनेता पर गर्दन और रीढ़ समेत कई जगहों पर चाकू से वार किया गया, जिसके बाद मुंबई के लीलावती अस्पताल में उनकी आपातकालीन सर्जरी की गई।

अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि अभिनेता को गहन चिकित्सा इकाई से बाहर स्थानांतरित कर दिया गया है और उनकी हालत में सुधार हो रहा है। वह चल-फिर रहे हैं और सामान्य आहार ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि खान को दो से तीन दिन में छुट्टी मिलने की उम्मीद है। लीलावती अस्पताल के न्यूरोसर्जन डॉ. नितिन डांगे ने शुक्रवार को कहा था, ‘‘हम उनकी प्रगति पर नजर रख रहे हैं और हमारी उम्मीदों के मुताबिक वे बहुत अच्छा महसूस कर रहे हैं। उनकी प्रगति के अनुसार, हमने उन्हें आराम करने की सलाह दी है और अगर वे सहज महसूस करते हैं, तो दो से तीन दिनों में हम उन्हें छुट्टी दे देंगे।’’

उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की एक टीम ने उनकी जांच की और उन्हें चलने-फिरने में मदद की। डांगे ने कहा था कि खान के शरीर में तीन जख्म थे, दो हाथ पर और एक गर्दन के दाईं ओर तथा सबसे ज्यादा चोट पीठ पर लगी थी, जो रीढ़ की हड्डी में थी। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने पीठ से धारदार वस्तु (चाकू) निकाल दी है और रीढ़ की हड्डी की चोट को ठीक कर दिया है। पुलिस ने हमलावर का पता लगाने और उसे पकड़ने के लिए 30 से अधिक टीमें बनाई हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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