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भावना को जेल भेजे जाने पर मान सरकार को कोर्ट से लताड़, जज ने पूछा-ड्राइवर, कैमरामैन को गिरफ्तार क्यों किया?

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलAuthored by: गौरव श्रीवास्तव
  • Updated May 9, 2023, 08:35 PM IST

Bhawana Kishore : कोर्ट ने मान सरकार से पूछा कि उसने भावना के अलावा ड्राइवर और कैमरामैन को गिरफ्तार क्यों किया? वहीं, पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट में अपनी गलती मानी। राज्य सरकार ने कहा कि कैमरामैन और ड्राइवर को जेल नहीं भेजा जाना चाहिए थी। जज ने कहा कि ड्राइवर और कैमरामैन दोनों के जीने की आजादी छीनी गई।

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पंजाब सरकार की कोर्ट में फजीहत।

Bhawana Kishore : टाइम्स नाउ नवभारत की रिपोर्टर भावना किशोर की गिरफ्तारी मामले में मंगलवार को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पंजाब सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि जज ने बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि ड्राइवर और कैमरामैन की गिरफ्तारी गैर-कानूनी थी। उन्हें गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजना था। कोर्ट ने मान सरकार से पूछा कि उसने भावना के अलावा ड्राइवर और कैमरामैन को गिरफ्तार क्यों किया? वहीं, पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट में अपनी गलती मानी। राज्य सरकार ने कहा कि कैमरामैन और ड्राइवर को जेल नहीं भेजा जाना चाहिए थी। जज ने कहा कि ड्राइवर और कैमरामैन दोनों के जीने की आजादी छीनी गई।

तल्ख टिप्पणी करते हुए बेहद ही गंभीर सवाल भी खड़े करे

पत्रकार भावना गुप्ता, कैमरामैन मृत्युंजय और ड्राइवर परमिंदर इन तीनों को अंतरिम जमानत देते हुए हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी की पूरी प्रक्रिया पर बेहद ही तल्ख टिप्पणी करते हुए बेहद ही गंभीर सवाल भी खड़े करे हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि जहां तक महिला पत्रकार के साथ उनके कैमरामैन और ड्राइवर के खिलाफ दर्ज एफआईआर का मामला है तो इन दोनों के खिलाफ जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था, तो क्यों इन्हें गिरफ्तार करने वाले अधिकारी ने इसकी आरोपियों को जानकारी नही दी, ड्यूटी मैजिस्ट्रेट और स्पेशल कोर्ट के जज ने भी मैकेनिकल तरीके से ज्यूडिशियल रिमांड पर भेज दिया, जबकि इन्हें तभी जमानत दी जा सकती थी।

सोमवार को जस्टिस ने मामले को सीजे के पास भेजा

चैनल की रिपोर्टर भावना किशोर को नियमित जमानत देने की मांग वाली अर्जी पर सोमवार को भी हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों पंजाब सरकार और चैनल के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई जिसके बाद जस्टिस दीपक सिब्बल ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। जस्टिस दीपक सिब्बल ने सुनवाई के लिए इस केस को मुख्य न्यायाधीश के पास भेज दिया।

भावना को 'टारगेट' किया गया

सोमवार को सुनवाई के दौरान नवभारत के वकील ने अदालत से कहा कि भावना को 'टारगेट' कर उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया। इसलिए उनके खिलाफ दर्ज केस को रद्द किया जाए क्योंकि कोर्ट पहले भी इस तरह के केस को रद्द कर चुका है। 'ऑपरेशन शीशमहल' के जरिये दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल से जुड़े खुलासे के बाद पंजाब के लुधियाना में टाइम्स नाउ नवभारत की रिपोर्टर भावना किशोर को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। भावना किशोर के साथ कैमरामैन मृत्युंजय कुमार और ड्राइवर परमिंदर को भी गिरफ्तार किया गया।

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