Go First Flight: सोचिए, आप फ्लाइट पकड़ने के लिए एयरपोर्ट पर हों, सारी प्रक्रिया पूरी हो चुकी हो, बस से प्लेन के लिए निकल लगे हो और फिर रनवे पर पहुंचने पर पता चलता है कि विमान तो जा चुकी है, आपको छोड़कर। कुछ ऐसी ही कहानी बेंगलुरु एयरपोर्ट पर 50 से ज्यादा यात्रियों के साथ हुई है। इस मामले के सामने आने पर डीजीसीए ने रिपोर्ट भी मांगी है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल सोमवार को 6:30 पर बेंगलुरु से दिल्ली के लिए गो फर्स्ट की एक फ्लाइट उड़ान के लिए निर्धारित थी। इसके लिए यात्री भी पहुंच गए थे। यात्रियों को बोर्डिंग पास जारी कर दिया गया था, उनका सामान चेक-इन हो चुका था। कॉल आने पर वो बस में भी बैठ गए थे, जो उन्हें प्लेन तक ले जाने वाली थी। बस जब प्लेन के पास पहुंची तो यात्रियों को पता चला कि उनकी प्लेन तो उड़ान भर चुकी है। वो भी एक बस के यात्रियों को हवाई अड्डे पर ही छोड़कर।
54 यात्री रनवे पर अटके
इस घटना के बाद एयरलाइन के कर्मचारी सीधे-सीधे यात्रियों को बता भी नहीं रहे थे कि अब उनका क्या होगा, उन्हें क्यों एयरपोर्ट पर छोड़ा गया। जिसके बाद यात्रियों ने ट्विटर का सहारा लिया और गो फर्स्ट की आलोचना करने लगे। कई सोशल मीडिया यूजर्स के मुताबिक, फ्लाइट ने 54 यात्रियों के बिना ही उड़ान भरी, जो बस में रह गए थे।
DGCA ने मांगी रिपोर्ट
ट्विटर के जरिए जब जानकारी डीजीसीए तक पहुंची तो उसने एयरलाइन से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी है। वहीं DGCA ने कहा कि इस मामले को लेकर वो जांच करेगी और उचित कार्रवाई करेगी। वहीं एयरलाइन ने इस घटना तो कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, हालांकि टैग किए गए ट्विट में उसने माफी मांगते हुए यात्रियों से डिटेल मांगी है।
