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Bengal Panchayat Chunav: पंचायत चुनाव से पहले बंगाल में शुरू हुआ हिंसा का दौर, EC ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Jun 13, 2023, 12:26 PM IST

Bengal Panchayat Chunav Violence: विधानसभा में विपक्ष के नेता शुवेंदु अधिकारी का कहना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग पर कुछ नहीं कर पाने का आरोप लगाया। भाजपा के अलावा कांग्रेस और वाम दलों ने राज्य में पंचायत चुनाव केंद्रीय बलों की देखरेख में कराने की मांग की है।

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पंचायत चुनाव के लिए बंगाल में नामांकन चल रहा है।

Photo : PTI

Bengal Panchayat Chunav Violence: पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव से पहले हिंसा का दौर शुरू हो गया है। आठ जुलाई को पंचायत चुनाव के लिए वोट पड़ेंगे और इसके लिए उम्मीदवारों की तरफ से नामांकन दाखिल किए जा रहे हैं लेकिन यहां सब कुछ सामान्य नहीं चल रहा है। बीते दिनों नामांकन के दौरान राज्य में कई जगहों पर हिंसा हुई है। भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और वाम दलों ने इस हिंसा के लिए ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है।

केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग

विधानसभा में विपक्ष के नेता शुवेंदु अधिकारी का कहना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग पर कुछ नहीं कर पाने का आरोप लगाया। भाजपा के अलावा कांग्रेस और वाम दलों ने राज्य में पंचायत चुनाव केंद्रीय बलों की देखरेख में कराने की मांग की है।

चुनाव आयोग ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

विपक्षी दलों की शिकायत के बाद राज्य चुनाव आयोग ने मंगलवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इस बैठक की अध्यक्षता राज्य चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा करेंगे। सिन्हा ने कहा, 'सभी राजनीतिक पार्टियों को मंगलवार की बैठक में बुलाया गया है। इस बैठक में राज्य की कानून-व्यवस्था एवं दलों की चिंताओं एवं उनकी मांग पर चर्चा होगी।'

कई जगहों पर हुए हमले

बता दें कि अज्ञात उपद्रवियों ने विपक्षी नेताओं पर कथित तौर पर उस समय हमला किया, जब वे पंचायत चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने जा रहे थे। रिपोर्टों के मुताबिक दासपुर (पश्चिम मेदिनीपुर), काकद्वीप (दक्षिण 24 परगना), रानीनगर (मुर्शिदाबाद), शक्तिनगर और बर्शुल (दोनों पूर्व बर्धमान में) और मिनाखान (उत्तर 24 परगना) में झड़प की सूचनाएं मिली थीं। उन्होंने बताया कि एक अन्य घटना में बांकुड़ा जिले के सोनामुखी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दिबाकर घरामी पर अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर उस समय हमला किया, जब वह नामांकन केंद्र की ओर जा रहे थे।

विपक्ष ने टीएमसी पर लगाया आरोप

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने विपक्षी दलों पर चुनाव में देरी करने और हार के डर से राज्य की छवि को धूमिल करने के लिए गठजोड़ करने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, विपक्षी भाजपा, कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने आरोप लगाया कि उनके उम्मीदवारों को टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न जिलों में नामांकन पत्र जमा करने से रोका गया है। इन दलों का कहना है कि केंद्रीय बलों की तैनाती के बिना, राज्य में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव होना असंभव है।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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