West Bengal: पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले में एक सरकारी अस्पताल में प्रसव के बाद कथित तौर पर नसों के जरिये 'एक्सपायर' दवा (इंट्रावीनस फ्लूइड) चढ़ाए जाने के कारण गंभीर रूप से बीमार तीन महिलाओं की हालत और नाजुक हो गई है, जिसके चलते प्राधिकारियों ने उन्हें रविवार को कोलकाता के एक अस्पताल में स्थानांतरित करने का फैसला किया।
क्या है पूरा मामला?
मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (MMCH) में पांच महिलाओं को प्रसव के बाद जो दवा चढ़ाई गई थी, वह कथित तौर पर 'एक्सपायर' (इस्तेमाल करने की अवधि समाप्त हो गई थी) हो चुकी थी। इनमें से एक महिला की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य की हालत गंभीर बताई जा रही थी। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के लिए 13 सदस्यीय समिति का गठन किया है।
स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तीन महिलाओं की तबीयत और बिगड़ गई है, जबिक एक अन्य की हालत में सुधार हुआ है और उसे मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ही रखा जाएगा।
महिलाओं की बिगड़ी तबीयत
अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि तीन महिलाएं, जो अभी जीवन-रक्षक प्रणाली पर हैं, उनमें स्वास्थ्य संबंधी कई जटिलताएं उत्पन्न हो गई हैं और उनकी हालत बेहद नाजुक है। हमने उन्हें कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल के आईसीसीयू (इंटेंसिव कोरोनरी केयर यूनिट) में भर्ती करने का फैसला किया है। तीनों को आज शाम तक कोलकाता लाया जाएगा।
ग्रीन कॉरिडोर बनाने का आदेश
अधिकारी के मुताबिक, तीनों महिलाओं को पश्चिम मेदिनीपुर से कोलकाता ले आने के लिए राज्य सरकार ने एक 'ग्रीन कॉरिडोर' बनाने का आदेश दिया है और सभी टोल प्लाजा को सूचित कर दिया गया है। उन्होंने कहा, ''तीनों महिलाओं को एएलएस एंबुलेंस से कोलकाता लाया जाएगा, जिसमें विभिन्न प्रकार की जीवन-रक्षक एवं सहायक प्रणालियां मौजूद हैं। जिला अधिकारी को सूचित कर दिया गया है।'' अधिकारी के अनुसार, एसएसकेएम अस्पताल में तीनों महिलाओं के लिए बिस्तर तैयार कर दिए गए हैं।
