देश

पश्चिम बंगाल में तीन बांग्लादेशी गिरफ्तार, भारत में अवैध रूप से रहने के आरोप

India-Bangladesh: भारत में अवैध रूप से रहने के आरोप में तीन बांग्लादेशियों को पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अधिकारी ने बताया है कि महिला कुछ दिन पहले अवैध रूप से भारत-बांग्लादेश सीमा पार कर आई थी। पड़ोसी देश में तनाव के बीच बीएसएफ और पुलिस ने राज्य में सुरक्षा बढ़ा दी है।

Image

File Photo

Photo : PTI

Bangladeshi staying illegally in India: दक्षिणी पश्चिम बंगाल से तीन बांग्लादेशियों को बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। नादिया जिले के कल्याणी में शनिवार को संदिग्ध रूप से घूमते हुए दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। उनकी पहचान बांग्लादेश के मदारीपुर निवासी 23-वर्षीय मोहम्मद सोहाग मीर और बारीसाल निवासी 18-वर्षीय प्रणय जयधर के रूप में हुई है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मीर ने कश्मीर घाटी का भी दौरा किया था और इस संबंध में आगे की जांच जारी है।

बांग्लादेशी महिला को पुलिस ने संदिग्ध अवस्था में देखा

एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि शनिवार को यहां एनआरएस अस्पताल के निकट एक अन्य बांग्लादेशी महिला को पुलिस ने संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए देखा, जिसके बाद उसे रोका गया। उन्होंने बताया कि जब उससे पूछताछ की गई तो वह भारत आने के लिए कोई वैध यात्रा दस्तावेज नहीं दिखा सकी। उन्होंने बताया कि महिला कुछ दिन पहले अवैध रूप से भारत-बांग्लादेश सीमा पार कर आई थी। उन्होंने बताया कि उसके खिलाफ विदेशी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पड़ोसी देश में तनाव के बीच बीएसएफ और पुलिस ने राज्य में सुरक्षा बढ़ा दी है।

95 भारतीय मछुआरों को बांग्लादेश ने किया रिहा

भारतीय तटरक्षक बल ने ट्वीट किया, "भारतीय तटरक्षक बल और बांग्लादेश तटरक्षक बल के बीच समन्वित मछुआरों के आपसी आदान-प्रदान में, भारतीय तटरक्षक जहाजों वरद और अमृत कौर ने 95 भारतीय मछुआरों और 06 मछली पकड़ने वाली नौकाओं को वापस लाया और डूबे हुए नाव "कौशिक" से बचाए गए 12 सहित 90 बांग्लादेशी मछुआरों को सौंप दिया।"

90 से अधिक मछुआरों को सम्मानित करेंगी ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पड़ोसी देश बांग्लादेश की जेल से हाल ही में रिहा हुए राज्य के 95 मछुआरों को सम्मानित करेंगी। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि इस बात की प्रबल संभावना है कि मुख्यमंत्री सम्मान समारोह के दौरान मछुआरों को कुछ मुआवजा भी देंगी। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश के जलक्षेत्र में घुसपैठ करने के आरोप में अक्टूबर और नवंबर के बीच इन मछुआरों को गिरफ्तार किया गया था। एक अधिकारी ने बताया, ‘‘मुख्यमंत्री बांग्लादेश सरकार द्वारा रिहा किए गए मछुआरों को सम्मानित करेंगे। उनमें से ज़्यादातर काकद्वीप से हैं जबकि कुछ जिले के नामखाना के रहने वाले हैं।’’ जिला प्रशासन ने पहले ही सभी तैयारी कर ली है और सागर द्वीप में हेलीपैड के पास मंच तैयार कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 95 मछुआरों को रविवार शाम सागर द्वीप लाया गया।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article