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अवैध घुसपैठियों से खाली कराया जा रहा बंगाल, 4800 को वापस भेजा; एक अगस्त से जनगणना की भी तैयारी

पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठियों को लेकर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। सीएम सुवेंदु अधिकारी ने इस बाबत बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अब तक 4800 अवैध बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया जा चुका है।

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सुवेंदु अधिकारी।

Photo : IANS

पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद से ही अवैध बांग्लादेशियों को वापस भेजने की कवायद जारी है। इस बीच, सीएम सुवेंदु ने बताया कि राज्य के सीमावर्ती जिलों में बनाए गए होल्डिंग सेंटरों से लगभग 4,800 अवैध प्रवासियों को बांग्लादेश वापस भेजा जा चुका है। इतना ही नहीं 836 लोग अभी भी डिपोर्टेशन के लिए लाइन में है। भाजपा के विशेष प्रशिक्षण शिविर की तैयारी बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी।

अवैध घुसपैठ राज्य और देश की सुरक्षा के लिए बड़ा मुद्दा- सीएम सुवेंदु

उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ राज्य और देश की सुरक्षा के लिए बड़ा मुद्दा है। उन्होंने बताया कि भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा के लिए आवश्यक 556 किलोमीटर में से लगभग 100 किलोमीटर भूमि सीमा सुरक्षा बल (BSF) को बाड़बंदी के लिए सौंप दी गई है। उत्तर बंगाल के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी चिकेन नेक को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। यह संकरा भूभाग पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्से से जोड़ता है और सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है।

    पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार पर भी लगाए गंभीर आरोप

    इस दौरान सुवेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने केंद्र सरकार के एक कानून के अनुसार,उन अवैध प्रवासियों को निर्वासित करना शुरू कर दिया है जो नागरिकता संशोधन अधिनियम के दायरे में नहीं आते हैं। ऐसे लोगों को सीधे बीएसएफ को सौंपा जा रहा है। हालांकि यह कानून देश के अन्य राज्यों में लागू किया गया था,लेकिन पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की पिछली सरकार ने इसे लागू नहीं किया। तब अवैध प्रवासियों को राज्य की जेलों में रखा गया था और उन्होंने करदाताओं के पैसे पर सुविधाओं का लाभ उठाया था, लेकिन अब राज्य के सीमावर्ती जिलों में स्थापित हिरासत केंद्रों से लगभग 4,800 अवैध अप्रवासियों को वापस भेज दिया गया है। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि ममता सरकार में राज्य की जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) में बदलाव आया है। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में बांग्लादेशी घुसपैठ तथा जनसंख्या संतुलन में बदलाव को प्रमुख मुद्दा बनाया था।

      इन मुद्दों पर भी बोले सीएम

      इस दौरान उन्होंने राज्य में जनगणना को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और 1 से 15 अगस्त के बीच घर-घर सर्वेक्षण किया जाएगा। उनके अनुसार, अगले वर्ष फरवरी तक जनगणना पूरी होने के बाद परिसीमन (डिलिमिटेशन) की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने अन्नपूर्णा योजना के तहत 50 लाख महिलाओं के खातों में 3,000 रुपये की सहायता राशि भेजी है। उन्होंने कहा कि पहले ही दिन 28.25 लाख से अधिक महिलाओं को योजना का लाभ दिया गया।

      साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार की लक्ष्मी भंडार योजना के लाभार्थियों में बड़ी संख्या में ऐसे नाम थे जो मतदाता सूची में दर्ज नहीं थे, जबकि कुछ पुरुषों ने भी महिला कल्याण योजना का लाभ लिया। उन्होंने इसे "खतरनाक भ्रष्टाचार" करार दिया।

      Shiv Shukla
      शिव शुक्लाauthor

      शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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